पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में राज्य सरकार ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सरकार का लक्ष्य लोगों के जीवन, खेती और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति का तेजी से सामना किया जा सके। हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठकों में बाढ़ रोकथाम और राहत व्यवस्था की लगातार समीक्षा की गई है।
बाढ़ से बचाव पर ₹414.75 करोड़ का खर्च
राज्य सरकार ने बाढ़ रोकथाम और सुरक्षा उपायों के लिए ₹414.75 करोड़ खर्च किए हैं। इस राशि का उपयोग नदियों और नालों की सफाई, तटबंधों को मजबूत करने, जल निकासी व्यवस्था बेहतर बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा ढांचा तैयार करने पर किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ का खतरा कम से कम रहे।
नालों की सफाई और तटबंधों को किया गया मजबूत
जल संसाधन विभाग की ओर से राज्यभर में नालों की सफाई का कार्य तेज गति से पूरा किया गया है। इसके साथ ही नदी किनारे बने तटबंधों को मजबूत किया गया है ताकि अधिक जल प्रवाह की स्थिति में कटाव और नुकसान को रोका जा सके। सरकार ने आधुनिक मशीनों और तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया है, जिससे बाढ़ प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा सके।
संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे निगरानी
सरकार ने बाढ़ प्रभावित होने की आशंका वाले इलाकों में 24 घंटे निगरानी व्यवस्था लागू की है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमों और संबंधित विभागों को लगातार अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही राहत एवं बचाव संसाधनों को भी पहले से तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
