1 नवंबर 2025 से देशभर में कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर बैंक उपभोक्ताओं, क्रेडिट कार्ड यूज़र्स और सरकारी कर्मचारियों पर पड़ेगा।
सबसे बड़ा बदलाव बैंक खातों की नामांकन प्रक्रिया में किया गया है।
अब ग्राहक अपने बैंक खाते, सेफ डिपॉजिट लॉकर और सिक्योरिटी कस्टडी के लिए चार लोगों तक को नामांकित कर सकेंगे।
इसके अलावा, खाता धारक यह भी तय कर सकेंगे कि किसी आपात स्थिति में नामांकित व्यक्ति को पैसा किस क्रम में दिया जाए।
यह बदलाव विवादों और भुगतान में होने वाली देरी को कम करेगा।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह प्रावधान बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2025 की धारा 10 और 13 के तहत लागू होंगे।
SBI कार्ड यूज़र्स के लिए नई फीस नीति
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) कार्ड ने भी अपने चार्ज स्ट्रक्चर में बदलाव किया है, जो 1 नवंबर से प्रभावी होगा।
अब अगर ग्राहक CRED, Cheq या MobiKwik जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स के ज़रिए शैक्षणिक भुगतान (school/college fees) करते हैं, तो उन्हें 1% शुल्क देना होगा।
हालांकि, अगर भुगतान सीधे स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी की वेबसाइट या उनकी POS मशीन पर किया जाएगा, तो कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
यह बदलाव SBI कार्डधारकों को थर्ड-पार्टी ऐप्स के बजाय बैंक के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करेगा।
PNB ने घटाई सेफ्टी लॉकर की फीस
ग्राहकों के लिए राहत की खबर यह है कि पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने सेफ्टी लॉकर किराये में कटौती का ऐलान किया है।
बैंक ने 16 अक्टूबर 2025 को जारी नोटिस में बताया कि नई दरें वेबसाइट पर प्रकाशित होने के 30 दिन बाद से लागू होंगी।
यह रियायत सभी आकार और सभी क्षेत्रों के लॉकरों पर लागू होगी, जिससे ग्राहकों को सालाना किराए में महत्वपूर्ण बचत होगी।
PNB का यह कदम अन्य बैंकों पर भी प्रतिस्पर्धी दबाव बना सकता है, जिससे आगे और बैंक भी दरें घटा सकते हैं।
पेंशन नियमों में भी बदलाव संभव
वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर से पेंशन से जुड़ी नई व्यवस्थाएं भी लागू होंगी।
इनका उद्देश्य पेंशन भुगतान को समयबद्ध और पारदर्शी बनाना है, ताकि बुजुर्गों को अपने अधिकारों के लिए चक्कर न काटने पड़ें।
ग्राहकों के लिए तैयारी
1 नवंबर से लागू होने वाले ये सभी नियम आम ग्राहकों को अपनी बैंकिंग और कार्ड सेवाओं की समीक्षा करने के लिए प्रेरित करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि नामांकन अपडेट करना, फीस नीतियों को समझना और लॉकर किराये की नई दरों की जांच करना जरूरी है, ताकि आगे किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
