पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने राज्य में खनन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के दौरान इस क्षेत्र में बजट और विकास कार्यों में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों के समय खनन का बजट ₹120 करोड़ से अधिक नहीं पहुंच पाया था, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर करीब ₹800 करोड़ तक पहुंच गया है।
मंत्री बरिंदर गोयल ने पोटाश खनन के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में इस्तेमाल होने वाली करीब 95 प्रतिशत पोटाश विदेशों से आयात की जाती है, जबकि भारत में इसके स्रोत मुख्य रूप से राजस्थान और पंजाब में मौजूद हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पोटाश खनन के मामले में पंजाब के साथ भेदभाव किया है। मंत्री के अनुसार राजस्थान में लगभग 200 स्थानों पर पोटाश की खुदाई की अनुमति दी गई है, जबकि पंजाब में ऐसे स्थानों की संख्या बहुत कम है।
बरिंदर गोयल ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग और विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि अगर पंजाब में खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
