नई अर्बन एस्टेट बसाने की योजना के तहत पंजाब सरकार द्वारा लागू की गई लैंड पूलिंग नीति को अब नई गति मिलने जा रही है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने सोमवार को ग्लाडा कार्यालय पहुंचकर मुख्य प्रशासक का चार्ज देख रहे डीसी हिमांशु जैन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में भूमि मालिकों से प्राप्त सहमति और आगे की रणनीति को लेकर गहन चर्चा की गई।
सैकड़ों एकड़ ज़मीन देने की सहमति रिपोर्ट जारी
बैठक के बाद प्रशासन की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें दावा किया गया कि कई ज़मीन मालिकों ने सैकड़ों एकड़ ज़मीन लैंड पूलिंग नीति के तहत देने पर सहमति जताई है। इससे पहले मंत्री हरदीप मुंडियां और डीसी की मौजूदगी में कई उद्योगपतियों द्वारा भी अपनी ज़मीन देने की मंशा जाहिर की गई थी।
भूमि मालिकों को बनाया जाएगा विकास में भागीदार
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि नई अर्बन एस्टेट योजना के लिए भूमि मालिकों को विकास में भागीदार बनाने वाला मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत उन्हें सीधे लाभ पहुंचाया जाएगा और उनकी ज़मीन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। अरोड़ा ने यह भी कहा कि भूमि मालिकों में सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है, जो नीति की सफलता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ग्लाडा स्टाफ को फील्ड में उतरने के निर्देश
मंत्री ने ग्लाडा स्टाफ को निर्देश दिए कि वे फील्ड में उतरकर अन्य भूमि मालिकों को भी इस नीति के बारे में जागरूक करें और उन्हें इसके लाभों के प्रति समझाएं। उन्होंने कहा कि यह नीति राज्य के शहरी विकास को नई दिशा देगी और इसमें पारदर्शिता और साझेदारी की भावना को प्राथमिकता दी जा रही है।सरकार की यह पहल राज्य में शहरीकरण को बढ़ावा देने और ज़मीन मालिकों को बराबरी का भागीदार बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास माना जा रहा है। लैंड पूलिंग नीति पर सरकार का यह सक्रिय रुख भविष्य की विकास योजनाओं की नींव मजबूत करने में सहायक होगा।
