भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर सुधारों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है। जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन्स 2026 में राज्य के सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने पहली ही कोशिश में सफलता हासिल कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 187 सफल विद्यार्थियों की तुलना में 63 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है।
इस शानदार परिणाम ने यह साबित कर दिया है कि पंजाब की शिक्षा क्रांति पहल केवल नीतिगत घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव की सशक्त मिसाल है। हाल ही में घोषित जेईई मेन्स फेज-1 के नतीजों ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता, समर्पण और नई शैक्षिक रणनीति की ताकत को उजागर किया है।
सरकार अब इन सफल विद्यार्थियों को अगले चरण, जेईई एडवांस के लिए तीन सप्ताह का विशेष आवासीय प्रशिक्षण कैंप उपलब्ध कराएगी। इस कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, उन्नत अध्ययन सामग्री और प्रतिस्पर्धी माहौल प्रदान करना है, ताकि वे देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश का सपना साकार कर सकें।
कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस सफलता का श्रेय राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और विशेष रूप से पीएसीई कोचिंग पोर्टल जैसी पहलों को दिया। यह पोर्टल सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को निःशुल्क उच्च- गुणवत्ता कोचिंग उपलब्ध कराता है, जिससे आर्थिक रूप से साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब पंजाब के सरकारी स्कूलों के बच्चे आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली और बिट्स पिलानी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ने का सपना देख रहे हैं और उसे साकार भी कर रहे हैं।
यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता, पारदर्शी नीति और शिक्षा में निवेश का सशक्त प्रमाण भी है।
