पंजाब में कृषि व्यवस्था को आधुनिक और किसान हितैषी बनाने के लिए सरकार ने मंडियों का आधुनिकीकरण किया है। राज्य सरकार ने पारंपरिक व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज़ और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया है।
डिजिटल सिस्टम से तेज़ भुगतान
अब मंडियों में फसल की खरीद और भुगतान की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जा रही है। किसानों का पंजीकरण, फसल की एंट्री और भुगतान का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाता है। इससे न केवल प्रक्रिया तेज़ हुई है, बल्कि बिचौलियों की भूमिका भी सीमित हुई है। खरीद के बाद भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है, जिससे देरी और गड़बड़ी की संभावना समाप्त हुई है।

पारदर्शिता और जवाबदेही में बढ़ोतरी
मंडियों में ई-रजिस्ट्रेशन, डिजिटल रसीद और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लागू होने से हर चरण की निगरानी संभव हो पाई है। किसान अपने मोबाइल के माध्यम से अपनी फसल की स्थिति और भुगतान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे खरीद प्रणाली में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों मजबूत हुई हैं।
बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
मंडियों में बेहतर सड़क, शेड, रोशनी और सफाई की सुविधाओं को भी उन्नत किया गया है। आधुनिक उपकरणों और डिजिटल तौल कांटों के उपयोग से सटीक माप सुनिश्चित की जा रही है। इससे किसानों को उचित मूल्य और सम्मानजनक माहौल मिला है।
पंजाब में मंडियों के इस आधुनिकीकरण से कृषि खरीद प्रणाली अधिक कुशल और भरोसेमंद बनी है। डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों का विश्वास मजबूत किया है और राज्य को कृषि प्रबंधन के नए मॉडल के रूप में स्थापित किया है।
