हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई। लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से मकान ढह गए, जिससे 5 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा, 4 राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 1,337 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गईं।
ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और किन्नौर जिलों में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि ऊना और बिलासपुर जिलों में ‘येलो अलर्ट’ लगाया गया है।
मलबे में दबकर महिला की मौत
सोलन जिले के समलोह गांव में सोमवार देर रात भारी बारिश के कारण एक मकान ढह गया। इस हादसे में 40 वर्षीय महिला हेमलता की मौत हो गई, जबकि उनके पति, चार बच्चे और बुजुर्ग सास को मामूली चोटें आईं। कुल्लू जिले के ढालपुर में भी मकान ढहने की घटना में एक महिला की जान गई।
सरकार ने घोषित किया आपदा प्रभावित राज्य
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश को आपदा प्रभावित घोषित किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर पूरी तरह ढह गए हैं, उन्हें 7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 1 लाख रुपये मिलेंगे। घर के अंदर का सामान नष्ट होने पर 70,000 रुपये अलग से दिए जाएंगे।
शैक्षणिक संस्थान बंद, ऑनलाइन कक्षाओं का आदेश
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए शिमला जिले में सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कोचिंग सेंटरों और नर्सिंग संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने शिक्षकों और स्टाफ को भी छुट्टी दी है और फिलहाल ऑनलाइन कक्षाएं लेने का निर्देश दिया है।
मंडी, कुल्लू और चंबा में बिगड़े हालात
मंडी जिले में पड्डल गुरुद्वारा क्षेत्र के पास भूस्खलन से दो घर क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि समय रहते लोग सुरक्षित निकाल लिए गए। वहीं, बिलासपुर जिले के नैना देवी इलाके में दरारें पड़ने के बाद 16 परिवारों को अपने घर खाली करने पड़े। कुल्लू के अन्नी क्षेत्र में भी एक निर्माणाधीन मकान ढह गया।
हजारों यात्री फंसे, सेब उत्पादकों को बड़ा नुकसान
भूस्खलन से शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग और ओल्ड हिंदुस्तान-तिब्बत रोड अवरुद्ध हो गए हैं। इससे सेब उत्पादकों को अपनी फसल बाजारों तक पहुंचाने में बड़ी दिक्कत आ रही है। चंबा में करीब 5,000 मणिमहेश यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिशें जारी हैं।
भारी बारिश का रिकॉर्ड और अब तक का नुकसान
मौसम विभाग के अनुसार, नैना देवी में 198.2 मिमी, मनाली में 89 मिमी और धर्मशाला में 76.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक, इस मानसून में अब तक 340 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 3,158 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
