भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले जा रहे टेस्ट मैच में भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरी लय में नजर नहीं आए। इंग्लैंड की पहली पारी में बुमराह ने 28 ओवर में 95 रन देकर सिर्फ एक विकेट लिया। तीसरे दिन जब कप्तान शुभमन गिल ने दूसरी नई गेंद ली, तब बुमराह ने केवल एक ओवर फेंका और फिर मैदान से बाहर चले गए। यह देखकर उनकी फिटनेस को लेकर अटकलें लगने लगीं।
मैदान पर लौटे लेकिन रफ्तार गायब रही
हालांकि चायकाल से कुछ देर पहले जसप्रीत बुमराह मैदान पर वापस लौटे, लेकिन उनकी गेंदबाजी में वह धार नहीं दिखी जो आमतौर पर उनसे देखने को मिलती है। उनके बाएं टखने में हल्का दर्द महसूस किया गया और गेंदबाजी की स्पीड भी सामान्य से कम रही। बुमराह ने दिन के अंत में जेमी स्मिथ का विकेट जरूर लिया, मगर उनकी स्पीड में गिरावट रही, जो 138-142 KMPH की बजाय कम देखी गई।
सिराज भी जूझे हल्की चोट से
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज भी हल्की चोट से परेशान नजर आए। हालांकि, उन्होंने गेंदबाजी जारी रखी। सिराज के साथ भी पैर मुड़ने की घटना हुई, लेकिन वह मैदान पर टिके रहे और अपनी भूमिका निभाई। सिराज का भी वर्कलोड ज्यादा रहा है, जो उनकी गति और प्रदर्शन पर असर डाल सकता है।
बुमराह का टखना मुड़ा था: मोर्ने मोर्केल
भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुमराह की फिटनेस को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया, “जब हमने दूसरी नई गेंद ली, तब सीढ़ियों से उतरते वक्त बुमराह का टखना मुड़ गया था। वहीं, सिराज का पैर भी एक फुटहोल में फंस गया था। लेकिन दोनों खिलाड़ी अब ठीक हैं।” मोर्केल ने यह भी कहा कि दोनों तेज गेंदबाजों के प्रयासों में कोई कमी नहीं रही।
अंशुल कम्बोज की रफ्तार पर भी उठे सवाल
इस मैच में डेब्यू कर रहे अंशुल कम्बोज की गेंदबाजी गति भी 120 KMPH से नीचे रही, जिससे उनकी फिटनेस और लय पर सवाल उठे। हालांकि, मोर्केल ने उनका बचाव किया और कहा कि यह उनका पहला टेस्ट है और ऐसे में दबाव और अनुभव की भूमिका होती है। उन्होंने कहा, “यह जरूरी है कि हम एक मजबूत और संतुलित फास्ट बॉलिंग यूनिट बनाएं।”
सपाट पिच और भारी आउटफील्ड भी बनी कारण
मोर्केल ने सपाट पिच और भारी आउटफील्ड को गेंदबाजों की गति में गिरावट का एक कारण बताया। उन्होंने कहा, “ऐसी विकेटों पर गेंदबाजों को ज्यादा एनर्जी लगानी पड़ती है ताकि कैच या LBW के मौके बन सकें। यह वैसा दिन था जहां गेंद ज्यादा मूव नहीं कर रही थी।” उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि इन हालातों में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश की। भारतीय तेज गेंदबाजों की फिटनेस को लेकर भले ही सवाल उठे हों, लेकिन कोच मोर्केल ने स्पष्ट कर दिया है कि बुमराह और सिराज दोनों ठीक हैं और आगे के खेल के लिए तैयार रहेंगे। सपाट विकेट और वर्कलोड जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय गेंदबाजी यूनिट लय में लौटने की कोशिश में जुटी है।
