नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इसी बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने नेपाल और चीन की सीमा से जुड़े इलाकों में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर नया अपडेट दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि चीन की तरफ मौजूद करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और अपने परिवारों के संपर्क में हैं।
21 भारतीय दिल्ली पहुंचे
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से काठमांडू पहुंचे तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिक अब दिल्ली पहुंच चुके हैं। इससे पहले त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 भारतीयों को भी सुरक्षित निकाला गया था।
इसके अलावा चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक जमीन के रास्ते सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्हें प्रभावित क्षेत्र से आगे निकालने की कोशिशें जारी हैं।
भारतीय मूल के करीब 100 लोगों से भी संपर्क नहीं
MEA ने बताया कि करीब 100 भारतीय मूल के अन्य लोगों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें कुछ लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए होने की संभावना जताई गई है, लेकिन उनके पास दूसरी नागरिकता हो सकती है। ऐसे लोगों की जानकारी जुटाने और संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
नेपाल को भारत ने भेजी राहत सामग्री
भारत ने नेपाल में राहत अभियान के लिए मानवीय सहायता भी भेजी है। 26 अगस्त को भेजे गए पहले विमान में करीब 10 टन राहत सामग्री थी, जिसमें अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं शामिल थीं।
इसके बाद 27 अगस्त को करीब 37.5 टन राहत सामग्री लेकर दूसरा विमान रवाना किया गया। इसमें टेंट, कंबल, पानी निकालने वाले पंप, जनरेटर, दवाएं, किचन सेट और खाने-पीने की सामग्री शामिल थी।
मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम भी भेजेगा भारत
नेपाल के अनुरोध पर भारत टनल रेस्क्यू टीम और मेडिकल टीम भेजने की तैयारी कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था बहाल करने के लिए भारत ने बेली ब्रिज और तकनीकी टीमों की मदद की पेशकश भी की है।
