पंजाब में खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने जानकारी दी कि देश का पहला सेंटर पिवट इरिगेशन सिस्टम कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में स्थापित किया गया है। यह तकनीक किसानों के लिए नई संभावनाएं लेकर आई है।
इस नई प्रणाली की खास बात यह है कि इससे खेतों की सिंचाई के लिए लगभग 30% कम पानी की जरूरत होगी। इससे पानी की बचत होगी और खेती अधिक टिकाऊ बनेगी। साथ ही, सिंचाई का तरीका अधिक सटीक और प्रभावी होगा।
बरिंदर गोयल ने बताया कि इस तकनीक से फसल उत्पादन में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। बेहतर सिंचाई के कारण खेतों में नमी का संतुलन बना रहेगा, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों बेहतर होंगी।
सरकार का मानना है कि यह प्रणाली पूरे पंजाब के लिए एक रोल मॉडल साबित हो सकती है। यदि इसे बड़े स्तर पर अपनाया गया, तो इससे राज्य की कृषि व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यह पहल दिखाती है कि सरकार कृषि विकास और आधुनिकीकरण पर ध्यान दे रही है। नई तकनीकों को अपनाकर खेती को आसान, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
