पंजाब सरकार ने स्कूली शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए अब विद्यार्थियों को व्यवसायिक और मार्केटिंग कौशल सिखाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 11वीं और 12वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को “पंजाब यंग इंटरप्रेन्योर्स स्कीम” के तहत व्यवसाय और उद्यमिता का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह कदम बिज़नेस ब्लास्टर्स एक्सपो 2025 के दौरान घोषित किया गया, जिसमें पूरे पंजाब से चुने गए विद्यार्थियों ने अपने स्टार्टअप आइडियाज़ को शार्क टैंक-स्टाइल प्रेज़ेंटेशन के ज़रिए निवेशकों, उद्योगपतियों और अधिकारियों के सामने पेश किया। 10 प्रमुख टीमों ने वित्तीय सहायता हासिल की, जबकि 30 अन्य टीमों ने एक्सपो के स्टॉल्स पर अपने उत्पादों की बिक्री कर अपने विचारों को बाजार से जोड़ने का अभ्यास किया।
विद्यार्थियों को नौकरी ढूँढने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाने की पहल
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि जब हज़ारों उम्मीदवार एक सरकारी नौकरी के पीछे भाग रहे हैं, ऐसे में सरकार ने एक नई सोच को बढ़ावा देते हुए नौकरी उत्पन्न करने वालों की नई पीढ़ी तैयार करने का काम शुरू किया है। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को न केवल वित्तीय मदद, बल्कि तकनीकी मार्गदर्शन भी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि 30 सरकारी स्कूलों में इस स्कीम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। इसमें एक उल्लेखनीय उदाहरण एक बीपीएल परिवार से आने वाली छात्रा का है, जिसने सजावटी फूलों के गमले बनाकर लुधियाना में उन्हें 20 गुना दाम पर बेचा। वहीं एक अन्य छात्र इंस्टाग्राम के माध्यम से टी-शर्ट बेचकर हर महीने ₹50,000 कमा रहा है।
बिज़नेस ब्लास्टर्स में युवाओं के अद्भुत स्टार्टअप आइडियाज़
इस एक्सपो में छात्रों ने जिन क्षेत्रों में अपने विचार प्रस्तुत किए, उनमें शामिल हैं:
- इलेक्ट्रिक साइकिल
- कुदरती सौंदर्य उत्पाद
- हर्बल साबुन
- हाथ से बने दुपट्टे
- ड्राइविंग सिमुलेटर
- मसाले और घरेलू चॉकलेट्स
- आर्टवर्क फ्रेमिंग
- महिला सुरक्षा स्टिक्स
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का समर्थन
कार्यक्रम में शामिल हुए मनीष सिसोदिया ने इसे शिक्षा क्षेत्र का मील का पत्थर करार देते हुए कहा कि आने वाले समय में विद्यार्थियों को बोर्ड पास करने के साथ-साथ एक सफल बिज़नेस आइडिया भी देना होगा। उन्होंने कहा, “12वीं पास करने वाला हर विद्यार्थी अपने साथ वो अनुभव लेकर जाएगा, जो उसने खुद कमाकर और बेकरार होकर सीखा होगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में हर साल करीब 1 करोड़ ग्रेजुएट पास होते हैं, लेकिन सिर्फ़ 10 लाख को नौकरी मिलती है। ऐसे में, बिज़नेस ब्लास्टर्स जैसे कार्यक्रम देश में स्वरोजगार को नई दिशा दे सकते हैं।
आगे की राह और समर्थन
कार्यक्रम के दौरान सांसद विक्रमजीत साहनी ने 10 प्रमुख टीमों को ₹10 लाख की सहायता देने की घोषणा की। साथ ही, कई निवेशकों, स्टार्टअप संस्थापकों, IIT रोपड़ के विशेषज्ञों और अन्य अधिकारियों ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और सहयोग देने का भरोसा दिया।
पंजाब सरकार का यह प्रयास सिर्फ़ स्कूली शिक्षा की परिभाषा को नहीं बदल रहा, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और नवोन्मेषी भविष्य की ओर बढ़ने का रास्ता दिखा रहा है। अब किताबों से बाहर निकलकर, विद्यार्थी खुद का बिज़नेस शुरू करने और समाज को नए रोजगार देने की प्रेरणा पा रहे हैं। यह एक ऐसी क्रांति है, जो भविष्य के भारत की नींव रख रही है।
