देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने 15 मई 2026 से पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं। यह पिछले चार सालों में पहली बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को इसकी बड़ी वजह बताया जा रहा है।
दिल्ली से मुंबई तक बदले नए रेट
नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 106.68 रुपये और डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता और चेन्नई में भी ईंधन की कीमतों में 3 रुपये के आसपास की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स के कारण दामों में थोड़ा फर्क देखने को मिल रहा है।
क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-ईरान और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। तेल कंपनियां लगातार घाटे का सामना कर रही थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनियों को लंबे समय से कीमतें बढ़ाने का दबाव था, लेकिन अब जाकर दाम बढ़ाए गए हैं।
CNG भी हुई महंगी
पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ CNG की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली-NCR में CNG करीब 2 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है। मुंबई महानगर क्षेत्र में भी CNG के दाम बढ़े हैं। इसका असर टैक्सी, ऑटो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर पड़ सकता है।
लोगों में मची हलचल
कीमतें बढ़ने की खबर आते ही कई राज्यों में पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें देखने को मिलीं। सोशल मीडिया पर भी लोग महंगाई को लेकर नाराजगी जताते नजर आए। कई जगहों पर लोगों ने रात में ही टैंक फुल करवा लिए ताकि बढ़ी हुई कीमतों से बच सकें।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण यह फैसला जरूरी हो गया था। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिए थे कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बढ़ा तो ईंधन की कीमतों में बदलाव करना पड़ सकता है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से ईंधन बचाने और गैरजरूरी यात्रा कम करने की अपील भी की थी।
रोजमर्रा की चीजें भी हो सकती हैं महंगी
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी। इसका असर सब्जियों, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ट्रक और माल ढुलाई खर्च बढ़ने से बाजार में महंगाई और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
