पंजाब में “युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान को एक वर्ष पूरा हो गया है। मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक चले इस अभियान में सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नशा तस्करों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की। इस दौरान कुल 36,178 मुकदमे दर्ज किए गए और 51,648 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद
पिछले एक साल में पुलिस ने 2,277 किलो हेरोइन जब्त की है। इसके अलावा 49 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल भी बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान करीब 16.70 करोड़ रुपये की ड्रग मनी भी पकड़ी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नेटवर्क बड़े स्तर पर सक्रिय था।
युवाओं को बचाने का संकल्प
सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना है। अधिकारियों का दावा है कि लगातार छापेमारी, सख्त निगरानी और जनजागरूकता अभियानों के जरिए नशा तस्करी पर लगाम लगाई जा रही है।
आगे भी जारी रहेगी मुहिम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई बिना रुके जारी रहेगी। आने वाले समय में भी सख्त कार्रवाई और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा, ताकि राज्य को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ा जा सके।
