नई दिल्ली, 28 जुलाई 2025
आज लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक खास बहस होने जा रही है, जिसे देश की सैन्य ताकत और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है। यह बहस दोपहर 12 बजे से शुरू होगी, जिसकी शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।
बहस की शुरुआत से पहले, संसद में ऑपरेशन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी पेश किए जाएंगे, ताकि सभी सांसदों को कार्रवाई की जानकारी मिल सके। सूत्रों की मानें तो यह चर्चा करीब 16 घंटे तक चल सकती है, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने पक्ष रखेंगे।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
‘ऑपरेशन सिंदूर‘ एक ऐसा सैन्य अभियान था जिसकी शुरुआत 7 मई को की गई। दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कई जवान शहीद हो गए थे। इसी का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात आतंकियों के खिलाफ त्वरित और सटीक कार्रवाई की।
यह ऑपरेशन महज 22 मिनट में पूरा हुआ, लेकिन इसमें भारतीय सेना ने 100 से ज्यादा आतंकवादियों को ढेर कर दिया। यह अभियान देश की आधुनिक सैन्य तकनीक और सटीक खुफिया जानकारी का नतीजा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्रवाई को “विजय उत्सव” का नाम दिया और कहा कि यह भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और सैनिकों की वीरता की मिसाल है।
विपक्ष ने खड़े किए सवाल
जहां सरकार इसे बड़ी सैन्य सफलता बता रही है, वहीं विपक्षी गठबंधन INDIA ने इस ऑपरेशन को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार को इस कार्रवाई से जुड़ी पारदर्शिता और जानकारी साफ तौर पर देश के सामने रखनी चाहिए।
इसी को लेकर आज संसद में विपक्षी दलों की एक बैठक भी हुई है, जिसमें रणनीति बनाई गई कि सरकार से किन बिंदुओं पर सवाल पूछे जाएं।
क्यों है यह बहस अहम?
यह बहस इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना की कार्यशैली, और राजनीतिक जवाबदेही तीनों पर चर्चा होगी। इससे पहले इतने बड़े सैन्य अभियान पर संसद में खुलकर चर्चा कम ही देखने को मिली है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक तरफ देश की सैन्य शक्ति का प्रतीक है, तो दूसरी तरफ लोकतंत्र की खूबसूरती भी दिखाता है, जहां किसी भी अहम फैसले पर खुली बहस होती है। आज की चर्चा से देश को कई सवालों के जवाब और सेना के साहस की सच्ची तस्वीर देखने को मिल सकती है।
