पंजाब के बठिंडा में आयोजित विरासती मेले के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों को संबोधित करते हुए पंजाब की समृद्ध संस्कृति और विरासत पर जोर दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और मेले में पारंपरिक रंग, संगीत और संस्कृति की झलक देखने को मिली।
“विरासत का कोई मूल्य नहीं”
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की विरासत इतनी अनमोल है कि उसका मूल्य दुनिया की किसी भी करंसी में नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में कुछ सरकारों के कारण पंजाब की सांस्कृतिक पहचान फीकी पड़ गई थी, लेकिन अब उनकी सरकार इसे फिर से जीवंत करने का काम कर रही है।
“पंजाब में फिर से भर रहे हैं रंग”
भगवंत मान ने कहा कि लोगों के सहयोग से पंजाब के खोए हुए रंग अब वापस लौट रहे हैं। उन्होंने संतोष जताया कि राज्य में फिर से सांस्कृतिक माहौल मजबूत हो रहा है और लोग अपनी जड़ों से जुड़ रहे हैं।
विकास और स्वास्थ्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें पंजाब के विकास की जिम्मेदारी दी है और वे इसमें कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए ₹10 लाख तक के इलाज वाले कार्ड दिए जा रहे हैं। साथ ही युवाओं को खेलों की ओर बढ़ावा देने के लिए आधुनिक स्टेडियम भी बनाए जा रहे हैं।
नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने की अपील
अपने भाषण के अंत में उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वे नई पीढ़ी को पंजाब की संस्कृति और विरासत से जोड़ें। उन्होंने कहा कि यही हमारी पहचान है और इसे संभालना हम सभी की जिम्मेदारी है।
