पंजाब के फाजिल्का जिले में बाढ़ ने भयानक तबाही मचाई है। यहां 6185 घरों में पानी भर गया है और 123 किलोमीटर लंबी सड़कें टूट चुकी हैं। इसके साथ ही 17 सरकारी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंढ ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस स्थिति की जानकारी दी।
18 हजार एकड़ जमीन आई बाढ़ की चपेट में
मंत्री ने बताया कि जिले में अब तक 18 हजार से ज्यादा एकड़ खेती की जमीन बाढ़ की चपेट में आ चुकी है। हालांकि अब पानी धीरे-धीरे उतरना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि जब हालात सामान्य होंगे, तब प्रभावित इलाकों के पुनर्वास और मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी।
राहत सामग्री की बड़ी सप्लाई
तरुणप्रीत सिंह सौंढ ने कहा कि सरकार की ओर से प्रभावित गांवों में भोजन के पैकेट, दवाइयां और तिरपाल बड़ी मात्रा में बांटे गए हैं। अब तक 8600 से ज्यादा राशन किटें दो-दो बार बांटी जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही तीसरे चरण में भी राशन किटें वितरित की जाएंगी, ताकि कोई भी परिवार भूखा न रहे।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
मंत्री ने साफ किया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी घर तक राशन, दवा और पशुओं के लिए चारा पहुंचना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि फाजिल्का में पानी सतलुज और ब्यास नदी से आता है, लेकिन फिलहाल पानी में मामूली कमी दर्ज की गई है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंढ ने केंद्र सरकार और विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ नेता सिर्फ किश्तियों में बैठकर फोटो खिंचवाने तक सीमित रहे, लेकिन केंद्र से कोई राहत राशि लाने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह से अपने लोगों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी।
