Passport Ranking 2026 के अनुसार किसी देश का पासपोर्ट यह तय करता है कि उसके नागरिक बिना वीजा कितने देशों में यात्रा कर सकते हैं। यह रैंकिंग Henley Passport Index के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें देशों की वीजा-फ्री पहुंच को मुख्य आधार माना जाता है।
सिंगापुर सबसे ताकतवर
इस साल Singapore दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बनकर सामने आया है। यहां के नागरिक 192 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं। यह आंकड़ा बताता है कि सिंगापुर के लोगों को वैश्विक यात्रा में सबसे ज्यादा सुविधा मिलती है।
एशिया और यूरोप का दबदबा
सिंगापुर के बाद Japan, South Korea और United Arab Emirates दूसरे स्थान पर हैं, जहां के नागरिक 187 देशों में बिना वीजा के जा सकते हैं।
इसके अलावा Norway और Switzerland जैसे यूरोपीय देश भी टॉप में शामिल हैं, जहां 185 देशों तक वीजा-फ्री पहुंच है। यूरोप के कई देशों का औसत भी काफी मजबूत माना जाता है।
अमेरिका और ब्रिटेन की स्थिति
दिलचस्प बात यह है कि United Kingdom और Canada जैसे देश भी इस सूची में मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन कुछ एशियाई देशों से पीछे हैं। वहीं United States के नागरिक लगभग 179 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं।
कमजोर पासपोर्ट वाले देश
रैंकिंग के निचले हिस्से में ऐसे देश हैं, जिनके नागरिक 50 से भी कम देशों में बिना वीजा के जा सकते हैं। इनमें Somalia, Nigeria और Democratic Republic of the Congo जैसे देश शामिल हैं। इन देशों में राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक चुनौतियां बड़ी वजह मानी जाती हैं।
भारतीय पासपोर्ट की स्थिति
भारत का पासपोर्ट इस साल 80वें स्थान पर है. भारतीय नागरिक 55 से 58 देशों में वीजा-मुक्त या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकते हैं.
पाकिस्तान की स्थिति
Pakistan का पासपोर्ट भी दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट में गिना जाता है। यह लगभग 98वें स्थान पर है और इसके नागरिक सिर्फ 30–35 देशों में ही बिना वीजा या ऑन-अराइवल वीजा के साथ यात्रा कर सकते हैं।
पासपोर्ट ताकत और असमानता
यह रैंकिंग केवल यात्रा की सुविधा नहीं दिखाती, बल्कि वैश्विक असमानता को भी उजागर करती है। आप किस देश में पैदा हुए हैं, यह आपकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा की स्वतंत्रता को काफी हद तक तय करता है। यूरोप और विकसित देशों के पासपोर्ट ज्यादा मजबूत होते हैं, जबकि अफ्रीका, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के कई देशों के पासपोर्ट कमजोर माने जाते हैं।
कूटनीति और स्थिरता का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी देश की कूटनीतिक ताकत, आर्थिक स्थिति और राजनीतिक स्थिरता उसके पासपोर्ट की ताकत को प्रभावित करती है। यही वजह है कि सिंगापुर, जापान जैसे देशों के नागरिकों को दुनिया के ज्यादा हिस्सों में आसानी से यात्रा करने की अनुमति मिलती है।
