आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्र सरकार और भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली को आप सरकार की सादगी और काम की याद आ रही है, क्योंकि मौजूदा सरकार ने चार महीने में ही दिल्ली की हालत खराब कर दी है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर आरोप
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने एक के बाद एक मोहल्ला क्लिनिक बंद कर दिए। उन्होंने कहा, “हमने अस्पतालों में मुफ्त दवाइयों और टेस्ट की सुविधा दी थी, लेकिन अब वो बंद कर दी गई है।” उनका कहना है कि गरीब लोगों को अब इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
बिजली संकट पर निशाना
उन्होंने कहा, “दिल्ली में छह-छह घंटे के पावर कट लग रहे हैं। पिछले सात सालों में एक मिनट की भी बिजली नहीं गई थी। लेकिन अब, बरसात के मौसम में भी घंटों की बिजली कटौती हो रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुधार में नहीं, बल्कि पैसा कमाने में लगी हुई है।
‘नोबेल प्राइज’ वाली टिप्पणी
हंसी के अंदाज में केजरीवाल ने कहा, “जितने दिन हमारी सरकार रही, हमें काम नहीं करने दिया गया। इसके बावजूद हमने काम किए। मुझे लगता है, गवर्नेंस और एडमिनिस्ट्रेशन पर मुझे नोबेल प्राइज मिलना चाहिए, क्योंकि एलजी के रहते भी मैंने इतना काम कर दिया।”
अपने पुराने संघर्षों की याद दिलाई
केजरीवाल ने 2013 से पहले के बिजली आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय दिल्ली में 8-8 घंटे की बिजली कटौती होती थी। “मैंने 15 दिनों तक अनशन किया था। खंभों पर चढ़कर तार जोड़े थे। आज भी लोगों को वो तस्वीरें याद हैं।” उन्होंने कहा कि उस अनुभव ने ही उन्हें जनता की जरूरतों को समझने में मदद की।
पानी की दिक्कतों का जिक्र
उन्होंने कहा कि पहले पानी नहीं आता था, लेकिन बिल जरूर आते थे। “15-20 हजार रुपये के पानी के बिल आते थे। लोगों की जेब पर भारी बोझ था। हमने तय किया कि दिल्ली में 20 हजार लीटर पानी हर परिवार को मुफ्त देंगे।”
शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता
केजरीवाल ने दोहराया कि उनकी सरकार का फोकस हमेशा स्कूल और अस्पतालों को बेहतर बनाने पर रहा है। “हमने तय किया कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और बीमार लोगों को अच्छा इलाज देना ही असली विकास है।”
‘हवा उल्टी कर दी’ बयान
उन्होंने गर्व से कहा कि, “हम तो छोटे लोग हैं, लेकिन हमने काम से लोगों का मन जीत लिया। पहले जो नेता कहते थे कि स्कूल और अस्पताल प्राइवेट होने चाहिए, अब वही नेता सरकारी स्कूल और अस्पतालों की बात करने लगे हैं। हमने सोच और माहौल दोनों बदल दिया है।”
अरविंद केजरीवाल का यह बयान दिल्ली और पंजाब दोनों में आम आदमी पार्टी के समर्थन को फिर से मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है। उन्होंने अपने पुराने कामों और संघर्षों को सामने रखते हुए जनता को यह बताने की कोशिश की कि आज जो समस्याएं बढ़ी हैं, उनका समाधान पहले हो चुका था, लेकिन नई सरकार ने उसे फिर से बिगाड़ दिया।
