देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के रेट बढ़ाए गए हैं।
दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में नए रेट
नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। कई शहरों में पेट्रोल पहले ही 110 रुपये के करीब पहुंच चुका है।
क्यों बढ़ रहे हैं ईंधन के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी इसका मुख्य कारण है। ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में तनाव के चलते ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर असर पड़ा है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी भी भारत के लिए तेल आयात महंगा बना रही है।
आम आदमी की जेब पर असर
लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोग, ट्रांसपोर्ट कारोबारी और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
दो हफ्तों में करीब 8 रुपये महंगा हुआ ईंधन
अगर पिछले दो हफ्तों का हिसाब देखें तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.5 से 8 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ रही है और महंगाई पर दबाव भी बढ़ने लगा है।
तेल कंपनियों को भी हो रहा नुकसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय से नुकसान झेल रही थीं। बढ़ती वैश्विक कीमतों के बावजूद कंपनियां घरेलू बाजार में दाम नियंत्रित रखे हुए थीं, लेकिन अब घाटा कम करने के लिए लगातार कीमतें बढ़ाई जा रही हैं।
