4 साल में बदली तस्वीर: भगवंत मान बोले “ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ता राज्य”
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पिछले 4 सालों में राज्य की स्थिति काफी बदल गई है। पहले खबरें आती थीं कि बिजली संकट गहरा सकता है और कोयले की कमी के कारण उत्पादन रुक सकता है। लेकिन अब हालात पहले से काफी बेहतर हो गए हैं।
पावर प्लांट में पर्याप्त कोयला
सरकार के अनुसार, अब राज्य के प्रमुख थर्मल पावर प्लांट्स में पर्याप्त कोयला स्टॉक मौजूद है। रूपनगर थर्मल प्लांट में करीब 41 दिनों का, लहरा मोहब्बत प्लांट में 37 दिनों का और गोइंदवाल साहिब प्लांट में लगभग 32 दिनों का कोयला उपलब्ध है। इससे बिजली उत्पादन में स्थिरता बनी हुई है और लोगों को राहत मिल रही है।
बड़े प्रोजेक्ट पर तेजी से काम
भगवंत मान ने यह भी जानकारी दी कि शाहपुर कंडी हाइडल पावर प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है और इसके मई 2027 तक पूरा होने की संभावना है। यह प्रोजेक्ट राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को और मजबूत करेगा।
ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ते कदम
सरकार अब पारंपरिक ऊर्जा के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी पर भी जोर दे रही है। अगले 6 सालों में राज्य में ग्रीन एनर्जी का उपयोग 80% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में नई दिशा
इन सभी कदमों से यह साफ है कि पंजाब ऊर्जा क्षेत्र में नई दिशा की ओर बढ़ रहा है, जहां स्थिर बिजली सप्लाई के साथ-साथ भविष्य के लिए टिकाऊ विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है।
