रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन गुरुवार देर रात भारत पहुंचे। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पहुंचकर उनका स्वागत करते नजर आए। दोनों नेताओं की गले मिलने वाली तस्वीरें रातभर सोशल मीडिया पर ट्रेंड होती रहीं। राष्ट्रपति पुतिन के आगमन के तुरंत बाद पीएम मोदी उन्हें सीधे अपनी सफेद फॉर्च्यूनर कार में बैठाकर आवास की ओर लेकर गए। रास्ते में सफर के दौरान दोनों नेता मुस्कुराते और बातचीत करते दिखाई दिए। पीएम मोदी ने इन पलों की तस्वीरें भी साझा कीं, जिन पर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं।
पुतिन की 5.5 करोड़ वाली कार नहीं दिखी भारत में
राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा दुनिया में सबसे सख्त मानी जाती है। वे आमतौर पर ऑरस सीनेट नाम की विशेष बुलेटप्रूफ कार से ही यात्रा करते हैं। यह कार उनकी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा रहती है और विदेश दौरों पर भी उनके साथ जाती है। रिपोर्टों के अनुसार इस कार की कीमत लगभग 6 लाख डॉलर यानी करीब 5.5 करोड़ रुपये आंकी जाती है। यह वाहन विस्फोट, केमिकल अटैक और किसी भी तरह के बाहरी खतरे से सुरक्षा प्रदान करने के लिए उन्नत तकनीक से बनाया गया है।
इसके बावजूद इस बार राष्ट्रपति पुतिन इस कार का इस्तेमाल नहीं करते दिखे। एयरपोर्ट से उनके आवास तक का सफर पीएम मोदी की फॉर्च्यूनर में तय किया गया, जो चर्चा का विषय बन गया।
पीएम मोदी की Range Rover नहीं चली
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अक्सर उनकी रेंज रोवर में सफर करते हुए देखा जाता है, जो एक बुलेटप्रूफ लग्जरी वाहन है। इस कार की शुरुआती कीमत ही भारत में लगभग 2.31 करोड़ रुपये बताई जाती है और सुरक्षा उन्नयन के बाद यह कीमत और बढ़ जाती है। इसके बावजूद इस मुलाकात में प्रधानमंत्री ने अपनी नियमित रेंज रोवर का उपयोग नहीं किया।
व्हाइट फॉर्च्यूनर बनी खास पल की गवाह
सबसे खास बात यह रही कि दोनों शीर्ष नेता एक साधारण दिखने वाली सफेद फॉर्च्यूनर में बैठे नजर आए, जो भारत में काफी लोकप्रिय वाहन है। फॉर्च्यूनर की बाजार कीमत 33 से 48 लाख रुपये के बीच होती है, लेकिन प्रधानमंत्री के सुरक्षा बेड़े में शामिल वाहन सामान्य कारों से कहीं अधिक मजबूत, बुलेटप्रूफ और विशेष तकनीक से लैस होते हैं। ऐसे वाहनों की वास्तविक कीमत काफी अधिक होती है, हालांकि सुरक्षा कारणों से इनकी सही जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती।
इस सफर के दौरान ली गई तस्वीरों ने दिखाया कि दोनों नेताओं के बीच घनिष्ठता और विश्वास का भाव कितना मजबूत है। यह दृश्य भारत-रूस संबंधों के गर्मजोशी भरे माहौल का प्रतीक बन गया है।
