प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को त्रिनिदाद और टोबैगो की सरकार ने देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान भारत के लिए ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में बसे भारतीयों के लिए गर्व की बात है। पीएम मोदी ने इसे भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान बताया और त्रिनिदाद-टोबैगो की जनता और सरकार का दिल से आभार प्रकट किया।
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दो देशों के बीच गहरी दोस्ती का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि त्रिनिदाद और टोबैगो से भारत का रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है। यहां के लोग भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को आज भी सहेजकर रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू के पूर्वज भारत के तमिलनाडु राज्य से थे। यह बात दोनों देशों की साझा विरासत को और भी मजबूत बनाती है।
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छह गुणों वाला शक्तिशाली देश
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने एक खास बात साझा की। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय संत तिरुवल्लुवर ने कहा था कि एक मजबूत देश के पास छह चीजें ज़रूरी होती हैं – एक बहादुर सेना, देशभक्त नागरिक, समृद्ध संसाधन, योग्य जनप्रतिनिधि, मज़बूत रक्षा व्यवस्था और ऐसे मित्र देश जो हर परिस्थिति में साथ खड़े रहें।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के रिश्तों में यह सभी गुण दिखाई देते हैं, जो हमारे सहयोग को विशेष बनाते हैं।
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संस्कृति, क्रिकेट और करीबी रिश्ता
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में क्रिकेट और त्रिनिदाद की प्रसिद्ध ‘त्रिनिदाद पीपर’ (मसालेदार मिर्च) का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के संबंधों में क्रिकेट का रोमांच और त्रिनिदाद पीपर का तड़का दोनों है। यह बात दर्शाती है कि हमारे रिश्ते सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि दिल से जुड़े हुए हैं।
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विश्वस्त साझेदार और कौशल विकास में सहयोग
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत, त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ मिलकर कौशल विकास और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहा है। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं और मिलकर पूरी मानवता की भलाई के लिए प्रयासरत हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि यह पहली बार है जब यह सम्मान किसी विदेशी नेता को दिया गया है, जो भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के विशेष संबंधों की गहराई को दर्शाता है।
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180 साल पुराना रिश्ता, आज भी मजबूत
पीएम मोदी ने ऐतिहासिक संबंधों की याद दिलाते हुए कहा कि करीब 180 साल पहले भारत से जो लोग त्रिनिदाद-टोबैगो पहुंचे थे, उन्होंने केवल मेहनत नहीं की, बल्कि भारतीय संस्कृति, विविधता और भाईचारे के बीज भी बोए। यही बीज आज वहां की संस्कृति में दिखाई देते हैं और यही हमारी मित्रता की मजबूत नींव है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला यह सम्मान केवल व्यक्तिगत नहीं है, यह पूरे भारतवर्ष का सम्मान है। यह भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को और भी ऊंचा करता है। त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ भारत के संबंध मजबूत होते जा रहे हैं, जो आने वाले समय में शिक्षा, तकनीक, संस्कृति और सहयोग के नए रास्ते खोल सकते हैं।
– यह सम्मान हम सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है।
