पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज नवांशहर जिले के खटकर कलां गांव का दौरा किया, जो कि शहीद भगत सिंह का जन्मस्थल है। इस मौके पर उन्होंने शहीद भगत सिंह हैरीटेज कॉम्प्लेक्स का नींव पत्थर रखा। यह ऐतिहासिक विरासत स्थल 52 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉम्प्लेक्स सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि इंकलाब की प्रतीक होगी। इससे आने वाली पीढ़ियों को भगत सिंह के बलिदान और उनके विचारों से प्रेरणा मिलेगी।
क्या होगा इस विरासत स्थल में खास?
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस हैरीटेज कॉम्प्लेक्स में एक 700 सीटों वाला एयर कंडीशन्ड थियेटर बनेगा, जहां डिजिटल माध्यम से भगत सिंह की जीवनी और उनके विचारों को दिखाया जाएगा। इसके अलावा:
- प्रदर्शनी हॉल बनाया जाएगा जिसमें भगत सिंह की लिखावट, तस्वीरें और उनके साथी क्रांतिकारियों से जुड़ी यादें रखी जाएंगी।
- कॉम्प्लेक्स में शहीद भगत सिंह की ज़िंदगी से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाया जाएगा।
- यहां देशभर से आने वाले लोग देशभक्ति और इतिहास की प्रेरणा ले सकेंगे।
परिवार का सम्मान और संदेश
इस मौके पर भगत सिंह के परिवार का भी सम्मान किया गया। भगवंत मान ने कहा कि सरकार इतिहास और विरासत की रक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने ये भी कहा कि यह प्रोजेक्ट जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा ताकि जनता इसे देखने और समझने आ सके।
मुख्यमंत्री ने कहा, “शहीद भगत सिंह का संदेश आज भी उतना ही जरूरी है जितना अंग्रेज़ी हुकूमत के समय था। उन्होंने जो लड़ाई बंदूक से लड़ी, आज हम वही लड़ाई वोट के ज़रिए लड़ रहे हैं। आज भी हर इंसान तक असली आज़ादी पहुंचाना बाकी है, और हमारी सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।”
सरकार का उद्देश्य
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार का मकसद है कि लोगों को उनके इतिहास से जोड़ना, और खासकर नौजवानों को देशभक्ति और जिम्मेदारी का एहसास दिलाना। इस हैरीटेज कॉम्प्लेक्स के जरिए न सिर्फ भगत सिंह को याद किया जाएगा, बल्कि ये जगह क्रांतिकारी सोच का केंद्र बनेगी।
इस ऐलान के साथ पंजाब ने एक और कदम अपने नायकों की विरासत को संभालने और आगे बढ़ाने की दिशा में बढ़ाया है।
