“हिंद दी चादर” के नाम से विख्यात श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर पंजाब सरकार श्रद्धा और सम्मान के साथ विशेष कीर्तन दरबार आयोजित करने जा रही है। गुरु तेग बहादुर जी की शहादत धार्मिक स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा का प्रतीक है, जिसने पूरे विश्व को सहिष्णुता और बलिदान का संदेश दिया।
दिल्ली में होंगे मुख्य समागम
कार्यक्रम का शुभारंभ 25 अक्टूबर को गुरुद्वारा सीस गंज साहिब, दिल्ली में किया जाएगा, जहाँ गुरु चरणों में नमन और अरदास के साथ समागम की शुरुआत होगी। इसके बाद शाम 6 बजे गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब, दिल्ली में एक विशाल कीर्तन दरबार आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर माननीय रागी जत्थे गुरु साहिब के पावन शब्दों का गायन करेंगे और श्रद्धालुओं को उनके उपदेशों से प्रेरित करेंगे।
श्रद्धालुओं को आमंत्रण
पंजाब सरकार ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पवित्र अवसर पर बड़ी संख्या में पहुंचकर गुरु साहिब जी के चरणों में हाज़िरी लगाएं, उनका आशीर्वाद प्राप्त करें और लंगर प्रसाद ग्रहण करें।
गौरव और प्रेरणा का क्षण
गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत न सिर्फ सिख इतिहास, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी शिक्षाएं आज भी एकता, सहिष्णुता और निडरता का संदेश देती हैं। पंजाब सरकार का यह प्रयास गुरु साहिब जी के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने और आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
