पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से बड़ी तबाही हुई है। इसको लेकर राज्य के शिक्षा और सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने केंद्र सरकार से सरसा और सवां नदियों के चैनलाइजेशन की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक इन नदियों का सही तरीके से चैनलाइजेशन नहीं होगा, तब तक हर साल बाढ़ की समस्या दोहराई जाती रहेगी और लोग बार-बार तबाही झेलते रहेंगे।
बैंस ने यह मांग उस समय रखी जब केंद्रीय संसदीय कार्य और सूचना प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन रूपनगर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे। बैंस ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब को इस समय केंद्र सरकार की ओर से त्वरित मदद की बेहद जरूरत है।
“सिर्फ सरकारी रिपोर्ट नहीं, असली हालात देखें”
बैंस ने पंजाब के भाजपा नेताओं से अपील की कि वे केंद्रीय मंत्री को केवल मुख्य स्थानों पर न ले जाकर उन गांवों में भी घुमाएं जो बुरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि खेड़ा कलमोट, बेलियां और कई अन्य गांवों में लोग अपनी पूरी संपत्ति खो चुके हैं।
उनका कहना था कि डॉ. मुरुगन को केवल सरकारी अधिकारियों की ब्रीफिंग नहीं, बल्कि असली हालात देख कर समझना चाहिए कि यहां के लोग कितनी मुश्किल में हैं।
राहत पैकेज को बताया “अपर्याप्त”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के लिए 1600 करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित किया है। लेकिन बैंस ने इसे अपर्याप्त बताया।
उन्होंने कहा कि एस.डी.आर.एफ. (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड) के नियमों के तहत मिलने वाला मुआवजा बहुत कम है।
- पक्के घर को नुकसान होने पर सिर्फ 6,500 रुपये
- घरेलू सामान नष्ट होने पर केवल 2,500 रुपये
- और फसल खराब होने पर 6,800 रुपये प्रति एकड़
बैंस ने कहा कि इतनी छोटी रकम से लोग न तो अपने घर बना सकते हैं और न ही खेतों को दोबारा तैयार कर सकते हैं। सिर्फ खेत साफ करने और डीजल का खर्च ही इससे ज्यादा हो जाता है।
“हम दान नहीं, हक मांग रहे हैं”
हरजोत सिंह बैंस ने जोर देकर कहा कि पंजाब ने हमेशा देश की सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान दिया है। ऐसे में यहां के किसानों और बाढ़ पीड़ितों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा –
“पंजाब दान नहीं मांग रहा, बल्कि अपना हक मांग रहा है। मैं केंद्रीय मंत्री से आग्रह करता हूँ कि वे असली हालात देख कर प्रधानमंत्री को सही रिपोर्ट दें, ताकि हमारे लोगों को न्याय मिल सके।”
पंजाब सरकार का मानना है कि बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए सिर्फ राहत पैकेज ही काफी नहीं है। इसके लिए नदियों का स्थायी समाधान यानी चैनलाइजेशन जरूरी है। अगर केंद्र सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो भविष्य में पंजाब बार-बार होने वाली बाढ़ की तबाही से बच सकता है।
