पंजाब सरकार ने राज्य के पेंशनभोगियों को बेहतर, सरल और सुविधाजनक सेवाएं देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में पेंशन भुगतान से जुड़े बैंकों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पेंशनभोगी सेवा पोर्टल पर 100 प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इस बैठक का मकसद पेंशन से जुड़ी सेवाओं को पारदर्शी बनाना और बैंकों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना रहा।
सरकार की प्राथमिकता: घर बैठे पेंशन सेवाएं
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि पेंशनभोगियों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। सरकार चाहती है कि पेंशन से संबंधित सभी जरूरी सेवाएं डिजिटल माध्यम से घर बैठे उपलब्ध हों। इससे खासतौर पर बुजुर्ग, दिव्यांग और असहाय पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिलेगी।
पेंशनभोगी सेवा पोर्टल का असर
सरकार द्वारा शुरू किए गए पेंशनभोगी सेवा पोर्टल और जिला स्तर पर लगाए गए सेवा मेलों का सकारात्मक असर दिखने लगा है। अब तक 1.11 लाख से अधिक पेंशनभोगी अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द सभी पेंशनभोगियों को इस पोर्टल से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें समय पर और बिना किसी परेशानी के सेवाएं मिल सकें।
बैंकों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
बैठक में बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान पूरी जिम्मेदारी निभाएं। खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों और उन पेंशनभोगियों को विशेष सहयोग देने को कहा गया है, जो डिजिटल तकनीक से कम परिचित हैं। किसी भी तरह की तकनीकी समस्या, देरी या लापरवाही पर सख्त जवाबदेही तय की जाएगी। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि बैंक स्तर पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पेंशन भुगतान रहेगा नियमित
सरकार ने पेंशनभोगियों को भरोसा दिलाया है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पेंशन भुगतान नियमित रूप से जारी रहेगा। किसी भी पेंशनभोगी को भुगतान में देरी या असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। सभी संबंधित विभागों और बैंकों से मिशन मोड में काम करने की अपील की गई है, ताकि करीब 3.15 लाख पेंशनभोगियों तक यह डिजिटल सुविधा आसानी से पहुंच सके।
डिजिटल कल्याण की दिशा में पंजाब
इस पहल के जरिए पंजाब सरकार का उद्देश्य राज्य को डिजिटल कल्याण सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। बैठक में वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि पेंशनभोगियों को आधुनिक, सरल और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था से न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि पारदर्शिता और भरोसा भी बढ़ेगा।
