पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और नागालैंड पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने बटाला के रहने वाले दो आरोपियों हरमनप्रीत सिंह उर्फ हरमन और उसके चचेरे भाई गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को कोहिमा (नागालैंड) से गिरफ्तार किया है।
जुगराज सिंह हत्याकांड से जुड़ा मामला
दोनों आरोपी बटाला के गांव चीमा खुड़ी में 9 सितंबर 2025 को हुई जुगराज सिंह उर्फ जुग्गा की हत्या के मामले में वांछित थे। पुलिस ने नागालैंड की अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल कर लिया है और अब दोनों आरोपियों को पंजाब लाया जा रहा है।
विदेशी गैंगस्टरों के इशारे पर वारदात
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस टारगेट किलिंग को विदेश बैठे गैंगस्टरों के इशारे पर अंजाम दिया गया। जांच में खुलासा हुआ है कि इस वारदात के पीछे जसविंदर सिंह उर्फ मनु अगवां, मोहम्मद यासीन अख्तर उर्फ जीशान अख्तर और गोपी नवांसेहरिया का हाथ था। ये सभी विदेशी गैंगस्टर हैं और पंजाब में अपराध फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई
पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि संगठित अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि अपराधियों को कहीं भी पनपने नहीं दिया जाएगा और राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए हर स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह गिरफ्तारी पंजाब पुलिस के गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता है। हरमन और गोपी की गिरफ्तारी से जुगराज सिंह हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी और विदेशी गैंगस्टरों के नेटवर्क को कमजोर करने में पुलिस को बढ़त मिलेगी।
