पंजाब में सोमवार को दिवाली का त्योहार पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहरों और कस्बों में रौनक देखने को मिली। मंदिरों, गुरुद्वारों और घरों में दीयों की रोशनी और खुशियों का माहौल छाया रहा। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां और उपहार देकर त्यौहार की शुभकामनाएं दीं।
मंदिरों और गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं की भीड़
दिवाली के मौके पर पंजाब के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचे। शाम को जब पूरे परिसर को दीयों और रंगीन रोशनी से सजाया गया, तो दृश्य देखते ही बनता था। इसी तरह लुधियाना, जालंधर, पटियाला और मोहाली के मंदिरों और गुरुद्वारों में भी लोगों ने विशेष अरदासें कीं।
बाजारों में दिखी रौनक, हर चेहरा मुस्कुराता नजर आया
दिवाली से पहले और त्योहार के दिन बाजारों में भारी भीड़ देखी गई। मिठाइयों की दुकानों, कपड़ों, सजावट और उपहारों की दुकानों पर ग्राहकों की लंबी कतारें लगीं। व्यापारियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी क्योंकि त्योहार के मौके पर बिक्री में बड़ी बढ़ोतरी हुई।
सीएम भगवंत मान ने दी शुभकामनाएं
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रदेशवासियों को दिवाली की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह त्योहार सद्भाव, भाईचारे और खुशहाली का प्रतीक है। मान ने कहा कि पंजाब की धरती मेहनत, प्रेम और एकता की मिसाल रही है, और दिवाली जैसे त्योहार इस भावना को और मजबूत करते हैं। उन्होंने लोगों से पर्यावरण के प्रति जागरूक रहते हुए हरित (ग्रीन) दिवाली मनाने की अपील भी की।
शांति और विकास का संदेश
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, जो चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं, ने कहा कि दीपों का यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और समाज में शांति एवं सौहार्द का संदेश फैलाने की अपील की।
हर घर में दीप, हर दिल में उम्मीद
रात होते ही पंजाब के शहरों और गांवों में दीयों और बिजली की जगमग रोशनी फैल गई। बच्चे आतिशबाजी का आनंद लेते नजर आए, वहीं बड़ों ने परिवार संग पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस बार की दिवाली ने एक बार फिर साबित किया कि पंजाब केवल खेती का नहीं, बल्कि खुशियों और रोशनी का प्रदेश है — जहां हर त्योहार मिल-जुलकर, मुस्कुराकर और प्यार से मनाया जाता है।
