पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने अमेरिकी सरकार द्वारा अमेरिकी सेना में सिख सैनिकों के लिए दाढ़ी रखने पर लगाई गई पाबंदी को निंदनीय करार दिया है। उनका कहना है कि यह फैसला न सिर्फ सैनिकों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि उनके धर्म और पहचान का भी अपमान है।
सिख पहचान का सम्मान जरूरी
संधवां ने जोर देकर कहा कि सिख धर्म में दाढ़ी रखना विविध पहचान का अहम हिस्सा है और इसे काटना सिखों की धार्मिक मान्यताओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन सिख सैनिकों के लिए भी गहरा अपमान है जिन्होंने सारागढ़ी और विश्व युद्धों में शौर्य दिखाया।
केंद्र सरकार से कूटनीतिक पहल की अपील
उन्होंने केंद्र सरकार से अमेरिकी सरकार के सामने तुरंत यह मुद्दा उठाने और सिख सैनिकों की दाढ़ी रखने की अनुमति को बहाल कराने के लिए कूटनीतिक दबाव डालने का आग्रह किया।
