चंडीगढ़, 2 नवंबर 2026: पंजाब सरकार ने अक्टूबर 2026 में जीएसटी राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के मुताबिक, अक्टूबर महीने में पंजाब के SGST कैश कलेक्शन में 28.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, राज्य का कुल जीएसटी संग्रह 14 प्रतिशत बढ़कर 2,716.60 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
चीमा ने बताया कि अक्टूबर 2025 में पंजाब का SGST कैश कलेक्शन 803.07 करोड़ रुपये था, जो अक्टूबर 2026 में बढ़कर 1,030.29 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह राज्य को 227.22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ। जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार अक्टूबर महीने में पंजाब का SGST कैश कलेक्शन 1,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि अप्रैल से अक्टूबर 2026 के दौरान पंजाब के कुल जीएसटी संग्रह में 16.39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि करीब 15 प्रतिशत रही। इस अवधि में राज्य का कुल जीएसटी संग्रह 18,047.68 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 15,505.66 करोड़ रुपये से 2,542.02 करोड़ रुपये अधिक है।
वैट और सीएसटी संग्रह में भी बढ़ोतरी
वित्त मंत्री के अनुसार, अक्टूबर में वैट और सीएसटी का संयुक्त संग्रह 23.76 प्रतिशत बढ़कर 763.49 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी महीने यह 616.93 करोड़ रुपये था।
कर चोरी पर कार्रवाई, 111 करोड़ के जुर्माने
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि आबकारी एवं कर विभाग ने अक्टूबर महीने में कर चोरी, फर्जी बिलिंग और जीएसटी नियमों के उल्लंघन के मामलों में 111.12 करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए हैं। विभाग की टीमों ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और ई-वे बिल के दुरुपयोग पर विशेष निगरानी रखी।
उन्होंने लुधियाना की बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी से जुड़े जीएसटी धोखाधड़ी मामले में 20 करोड़ रुपये का टैक्स वसूलने की जानकारी भी दी। शुरुआती जांच में करीब 62 आपस में जुड़ी फर्मों के नेटवर्क के जरिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित कर चोरी का संदेह सामने आया था। आगे की जांच में इसी नेटवर्क से जुड़े चार अन्य ट्रांसपोर्टरों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार तकनीक आधारित निगरानी, पारदर्शी प्रशासन और कर चोरी के खिलाफ कार्रवाई के जरिए राजस्व बढ़ाने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ता कर संग्रह राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने में मददगार होगा।
