हर साल देश में लाखों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। इनमें से कई मौतें सिर्फ इसलिए होती हैं क्योंकि समय पर मदद नहीं मिल पाती। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने जनवरी 2024 में एक खास पहल की – Sadak Suraksha Force (SSF) की शुरुआत।
यह फोर्स पंजाब के हाईवे और मुख्य सड़कों पर तैनात की गई है, जो सड़क दुर्घटना होते ही 8 से 10 मिनट के अंदर घटनास्थल पर पहुंचती है और घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाती है। सिर्फ 10 महीनों में इस फोर्स ने 35,000 से ज्यादा लोगों की जान बचाई और सड़क दुर्घटनाओं में 45.55% की गिरावट दर्ज की गई।
क्या है SSF?
Sadak Suraksha Force एक विशेष सुरक्षा दल है, जिसमें 1500 से अधिक प्रशिक्षित जवान हैं। ये जवान ट्रैफिक कंट्रोल, फर्स्ट एड, रेस्क्यू ऑपरेशन और लोगों से व्यवहार करने की खास ट्रेनिंग लेकर फील्ड में उतरते हैं। खास बात यह है कि SSF में 20% महिलाएं भी शामिल हैं, जो हर मोर्चे पर बराबर ड्यूटी कर रही हैं।
तकनीक से लैस है यह फोर्स
SSF को सरकार ने अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया है। इनके वाहनों में GPS ट्रैकिंग, डैशबोर्ड कैमरा, ड्रोन कैमरा, फर्स्ट एड किट, स्ट्रेचर और वॉकी-टॉकी सिस्टम जैसी सुविधाएं हैं। हर वाहन की लोकेशन कंट्रोल रूम में लाइव ट्रैक की जाती है। इससे किसी भी घटना पर फौरन एक्शन लिया जा सकता है।
हाईवे पर फरिश्तों की तरह मौजूद
SSF के जवान दिन-रात पंजाब की सड़कों पर गश्त करते हैं। दुर्घटना की खबर मिलते ही फोर्स की टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच जाती है। यह फोर्स “प्लैटिनम मिनट रेस्पॉन्स” नीति पर काम करती है, यानी हादसे के कुछ ही मिनटों में घायलों को जरूरी मदद दी जाती है। इससे हजारों ज़िंदगियाँ बचाई जा चुकी हैं।
वाहनों की खास व्यवस्था
SSF के पास 130 से ज्यादा Toyota Hilux वाहन, 30 Scorpio गाड़ियाँ और 20 एंबुलेंस हैं। हर वाहन में मेडिकल किट, फ्लैश लाइट, सायरन और जरूरत के सभी उपकरण मौजूद हैं। ये वाहन 24×7 एक्टिव रहते हैं और कंट्रोल रूम से जुड़े होते हैं।
पंजाब बना देश के लिए मॉडल
पंजाब सरकार अब SSF की यूनिटें हर जिले में स्थापित कर रही है। साथ ही एक मोबाइल ऐप भी लाया जा रहा है, जिससे लोग सीधे SSF को सूचना दे सकेंगे। सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
