कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश में बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ की साजिश रची जा रही है और यह सब एक संगठित तरीके से हो रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि जल्द ही वे इस मुद्दे पर “हाइड्रोजन बम” फोड़ेंगे, लेकिन आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि “हाइड्रोजन बम आ रहा है।”
कर्नाटक और महाराष्ट्र के उदाहरण दिए
राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में वोटर्स लिस्ट से नाम हटाने और जोड़ने की गड़बड़ियां की गईं। उन्होंने बताया कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में करीब 6,018 वोटर्स के नाम डिलीट करने की कोशिश की गई।
उनका आरोप है कि वोटर्स को डिलीट करने के लिए कर्नाटक के बाहर के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया और इन इलाकों को खास तौर पर चुना गया, जहां कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि “वोट डिलीशन टारगेटेड तरीके से किया जा रहा है।”
इसी तरह, महाराष्ट्र के राजुरा क्षेत्र में वोटर्स की संख्या में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई। राहुल गांधी ने बताया कि यहां 6,850 वोटर्स को जोड़ा गया।
फर्जी नाम और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल
कांग्रेस नेता ने कई उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि अलंद में गोदा बाई नाम की महिला के नाम पर 12 वोटर्स डिलीट कर दिए गए, जबकि खुद उन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं थी। इसी तरह, सूर्यकांत नाम के शख्स के नाम पर सिर्फ 14 मिनट में 12 वोटर्स हटाए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा खेल सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हो रहा है। वोटर लिस्ट में पहले नंबर पर दर्ज नाम का दुरुपयोग करके यह गड़बड़ी की जाती है।
चुनाव आयोग पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगता था कि शायद चुनाव आयोग इस मामले में लापरवाही कर रहा है, लेकिन अब साफ है कि यह सब “सिस्टमेटिक तरीके से” हो रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप लगाते हुए कहा कि, “यह शख्स वोट चोरों की रक्षा कर रहा है।”
CID की चिट्ठियों का कोई जवाब नहीं
राहुल गांधी ने बताया कि कर्नाटक की CID पिछले 18 महीनों में चुनाव आयोग को 18 पत्र लिख चुकी है। इन पत्रों में उन्होंने तीन मुख्य जानकारियां मांगीं—
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वोट डिलीशन फॉर्म भरने के लिए इस्तेमाल हुआ IP एड्रेस।
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इस्तेमाल हुआ डिवाइस पोर्ट।
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और सबसे अहम, OTP ट्रेल्स।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि आखिर चुनाव आयोग इन पत्रों का जवाब क्यों नहीं दे रहा है? उन्होंने कहा कि यह सबूत “ब्लैक एंड व्हाइट” में मौजूद है और इसमें किसी तरह का भ्रम नहीं है।
कांग्रेस का रुख सख्त
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि वोटर्स लिस्ट में हेरफेर जारी रही, तो लोकतंत्र पर गहरा खतरा मंडरा जाएगा।
