NDA संसदीय दल की बैठक में पहलगाम आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि, ऑपरेशन सिंदूर पर प्रस्ताव पारित
दिल्ली में हुई एनडीए संसदीय दल की बैठक की शुरुआत पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करके की गई। बैठक में भारतीय सेना के साहस और समर्पण को सलाम किया गया। इसके साथ ही, पाकिस्तान को आतंकवाद पर बेनकाब करने और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
नए सदस्यों का हुआ स्वागत
संसदीय दल की इस बैठक में नए चुने गए सांसदों का भी परिचय कराया गया। इनमें प्रमुख रूप से उज्ज्वल निकम, सी. सदानंद मास्टर और हर्षवर्धन श्रृंगला शामिल रहे। सभी नए सदस्यों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेताओं द्वारा स्वागत किया गया।
पीएम मोदी सहित प्रमुख नेता रहे मौजूद
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, और स्वास्थ्य मंत्री समेत कई वरिष्ठ मंत्री और सांसद शामिल हुए। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ के नारे भी गूंजे।
ऑपरेशन सिंदूर पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास
बैठक में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की गई। इस अभियान को लेकर सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें भारतीय सेना के शौर्य, आत्मबलिदान और अनुशासन को सम्मानित किया गया। बैठक में इसे एक ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई बताया गया, जिसने देश की सुरक्षा नीति को नया आयाम दिया।
किरण रिजिजू ने दी सरकार की उपलब्धियों की जानकारी
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष के नरेटिव को लोकसभा में पूरी तरह से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने पहले ही बिहार के मधुबनी में कहा था कि आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह साबित भी हुआ।
भारत अब आतंक के खिलाफ सख्त
रिजिजू ने कहा कि 2014 से पहले देश के कई शहर बम धमाकों से दहलते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। भारत अब किसी भी आतंकी हमले का करारा जवाब देता है और वह किसी भी परमाणु शक्ति से ब्लैकमेल नहीं होगा।
महिलाओं ने दिया ऑपरेशन सिंदूर को समर्थन
किरण रिजिजू ने यह भी बताया कि भारतीय महिलाओं ने ऑपरेशन सिंदूर को भावनात्मक और सामाजिक रूप से व्यापक समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हमारी बहनों और माताओं के सिंदूर उजाड़े, उन्हें सेना ने निशाना बनाया। यह ऑपरेशन भारत की सैन्य ताकत और संवेदनशील नेतृत्व का प्रतीक है।
33 देशों को दी गई जानकारी
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि 33 देशों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल भेजा गया, ताकि उन्हें ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति, उद्देश्य और परिणामों के बारे में बताया जा सके। यह पहल भारत की वैश्विक छवि को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और कदम है।
