पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के दौरान आयोजित एक विशाल रोड शो में महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले बजट सत्र में राज्य की हर महिला को ₹1000 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए भेजी जाएगी — न कोई फॉर्म भरना, न किसी दफ्तर के चक्कर, बस “एक क्लिक में सम्मान”।
‘वादे नहीं, विश्वास निभा रही सरकार’
मुख्यमंत्री मान ने मंच से कहा कि उनकी सरकार जनता से किए गए हर वादे को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा, “हमने कहा था मुफ्त बिजली देंगे — दी। युवाओं को नौकरी देंगे — दी। अब बारी है माताओं और बहनों से किए वादे को निभाने की।”
उन्होंने दोहराया कि यह ₹1000 की राशि सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्म-सम्मान की पहचान है। इससे घर की जिम्मेदारियों में सहूलियत बढ़ेगी और महिलाएं अपने निर्णय खुद ले पाएंगी।
महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा
मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर किसी घर की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो पूरा परिवार खुशहाल बनता है।” उन्होंने भरोसा जताया कि यह योजना पंजाब की महिलाओं को आर्थिक आज़ादी और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह ₹1000 किसी दान या उपहार के रूप में नहीं, बल्कि महिलाओं के योगदान का सम्मान है। यह पहल राज्य में “विकास और समानता की नई सोच” को आगे बढ़ाएगी।
‘दुख मंत्री’ का जनता से भावनात्मक संवाद
जनसभा के दौरान भगवंत मान ने खुद को ‘दुख मंत्री’ बताते हुए कहा कि वे सिर्फ कुर्सी पर बैठने नहीं, बल्कि लोगों के सुख-दुख में शामिल होने आए हैं। उन्होंने कहा, “मैं जानता हूँ लोगों के घरों की परेशानियाँ क्या हैं। किसानों, मजदूरों और आम घरों की मुश्किलें मेरी अपनी हैं।”
मान ने कहा कि उनकी सरकार ने जनता के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली, सरकारी स्कूलों में सुधार, आम आदमी क्लीनिक, और युवाओं को रोजगार जैसी ऐतिहासिक पहलें की हैं।
‘विकास बनाम पैसा’ की राजनीति
तरनतारन में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू के समर्थन में भगवंत मान ने लोगों से अपील की कि वे 11 नवंबर को झाड़ू के निशान पर वोट दें। उन्होंने कहा, “विपक्ष पैसे की राजनीति कर रहा है, लेकिन तरनतारन की जनता ईमानदारी और विकास को चुनेगी।”
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आम आदमी पार्टी की सरकार जनता से किए हर वादे को पाँच साल में पूरा करेगी और पंजाब को एक आदर्श राज्य बनाएगी।
पंजाब में ‘ईमानदारी की राजनीति’ की नई मिसाल
भगवंत मान की यह घोषणा न सिर्फ चुनावी वादा है, बल्कि एक नई राजनीतिक सोच की मिसाल है — जहाँ जनता के लिए काम, पारदर्शिता और ईमानदारी को प्राथमिकता दी जाती है।
तरनतारन की यह सभा इस बात का प्रतीक बन गई कि पंजाब में अब राजनीति वादों की नहीं, विश्वास की हो रही है।
