देश में ऑनलाइन लेनदेन तेजी से बढ़ा है और इसमें UPI पेमेंट का हिस्सा सबसे बड़ा है। सड़क किनारे फल बेचने वाले से लेकर बड़े स्टोर तक, लोग UPI के जरिए लेन-देन कर रहे हैं। UPI आसान और सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कई बार लापरवाही महंगी पड़ सकती है।
विशेष रूप से तब, जब लोग अपनी पुरानी UPI ID को बंद किए बिना नई ID बना लेते हैं। ऐसा करना आपके बैंक अकाउंट के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
ऐप डिलीट करने से UPI ID नहीं हटती
कई लोग फोन बदलने या ऐप रीइंस्टॉल करने के बाद नई UPI ID इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं। उन्हें यह नहीं पता होता कि ऐप डिलीट या फोन रिप्लेस करने से UPI ID अपने आप डिलीट नहीं होती। ऐप में मौजूद UPI ID, लिंक्ड बैंक अकाउंट, UPI Lite और ऑटो-पे मैंडेट सब एक्टिव रहते हैं। इन्हें ऐप में जाकर ही डिलीट या डिएक्टिवेट करना पड़ता है।
पैसा उड़ने का खतरा
अगर आपकी पुरानी UPI ID किसी इनएक्टिव नंबर से लिंक है, तो यह जोखिम भरा हो सकता है। कंपनियां इनएक्टिव नंबर कुछ समय बाद नए यूजर्स को दे देती हैं। अगर आपकी ID अब भी पुराने नंबर से लिंक है, तो नए यूजर को नोटिफिकेशन और अलर्ट मिल सकते हैं।
अगर यह नंबर किसी स्कैमर के हाथ लग जाए और उन्होंने सिम-स्वैप कर लिया, तो वे आपके बैंक अकाउंट तक पहुंच सकते हैं। एक बार एक्सेस मिल जाने पर आपका पैसा सुरक्षित नहीं रहेगा।
सुरक्षित तरीके से UPI ID बदलें
- अगर आप ऐप डिलीट या फोन बदल रहे हैं, तो पहले अपनी UPI ID को डिलीट या डिएक्टिवेट करें।
- इससे पहले अपने बैंक अकाउंट को डी-लिंक करें और पे-मैंडेट को बंद कर दें।
- मोबाइल नंबर बदलने की स्थिति में अपने नए नंबर को बैंक में अपडेट कराएं।
- अगर आपको अपनी सारी UPI ID याद नहीं हैं, तो पर जाकर मोबाइल नंबर से लिंक्ड सभी ID देख सकते हैं।
- बैंकिंग ऐप में भी मोबाइल नंबर से लिंक्ड सारी ID चेक की जा सकती हैं।
