कोलकाता में खेले गए भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टेस्ट मैच की पिच को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया है। पूरे मुकाबले में बल्लेबाज़ रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए। चारों पारियों में सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ही पचास से ऊपर स्कोर कर पाए। इससे साफ झलक रहा था कि पिच बल्लेबाज़ी के बिल्कुल अनुकूल नहीं थी।
हरभजन सिंह का गुस्सा— “RIP टेस्ट क्रिकेट”
टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह पिच की गुणवत्ता पर बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा—
“भारत बनाम साउथ अफ्रीका टेस्ट दूसरे दिन ही लगभग खत्म हो गया। क्या मज़ाक बना दिया है। #RIPTESTCRICKET”
हरभजन यहीं नहीं रुके। उन्होंने एक वीडियो में कहा कि ऐसी पिचों से टेस्ट क्रिकेट का भविष्य खतरे में पड़ रहा है।
उनका कहना था, “कल भी मैंने कहा था— कोलकाता की पिच ने टेस्ट क्रिकेट का सत्यानाश कर दिया। ये चलन कई सालों से जारी है और ये खेल के लिए सही नहीं है। हम आगे बढ़ ही नहीं रहे, उसी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं। जीत तो रहे हैं, लेकिन इससे फायदा किसका?”
“बल्लेबाज़ कौशल से नहीं, पिच के कारण आउट”
हरभजन ने आगे कहा कि अगर कोई बल्लेबाज़ गेंदबाज़ की कौशल के कारण आउट नहीं हो रहा, बल्कि पिच की वजह से संघर्ष कर रहा है, तो यह खेल की भावना को चोट पहुंचाता है। उन्होंने कहा,
“ढाई दिन में टेस्ट खत्म हो जाना हैरान करने वाला है। हम न्यूजीलैंड से हारे, फिर ये सीरीज गंवाई। इंग्लैंड में अच्छा खेला लेकिन घर में आकर ऐसी पिचों पर हार मिल रही है, ये सोचने वाली बात है।”
विदेशी दिग्गजों ने भी जताई निराशा
सिर्फ हरभजन ही नहीं, कई विदेशी खिलाड़ी भी इस पिच के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं।
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इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इसे “बेहद खराब पिच” बताया।
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एरॉन फिंच ने भी कहा कि ऐसे विकेट टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती को खत्म कर देते हैं।
पिच की प्रकृति ऐसी थी कि गेंद पहले दिन से तीखा टर्न ले रही थी, जिससे रन बनाना लगभग असंभव हो गया था। बल्लेबाज़ों को गेंद पहचानने का भी समय नहीं मिल रहा था।
दूसरे दिन ही खत्म हो गया मुकाबला
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच यह मुकाबला दूसरे दिन ही खत्म हो गया था, जो आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में बहुत कम देखने को मिलता है। तेज़ और स्पिन गेंदबाज़ दोनों ही बल्लेबाज़ों पर भारी पड़े, लेकिन ज्यादातर विकेट पिच की अनिश्चित बाउंस और टर्न के कारण गिरे।
क्या पिच तैयारियों पर लगेगी लगाम?
इस मैच के बाद बीसीसीआई और पिच क्यूरेटरों पर सवाल उठने लगे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत को टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देना है, तो ऐसी पिचों से बचना होगा, क्योंकि नतीजे बहुत जल्दी आने से खेल की प्रतिस्पर्धा और रोमांच खत्म हो जाता है।
