हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी ADGP वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पूरे पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। 2001 बैच के इस अधिकारी का शव रविवार सुबह चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित सरकारी आवास से बरामद हुआ। पुलिस को मौके से 8 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने अपने करियर में झेले गए उत्पीड़न, जातीय भेदभाव और प्रशासनिक दबाव का विस्तार से जिक्र किया है।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में 8 IPS और 2 IAS अधिकारियों का नाम लिया है। उन्होंने लिखा कि इन अधिकारियों ने उन्हें लगातार मानसिक और पेशेवर दबाव में रखा। उन्होंने पूर्व DGP हरियाणा सहित कुछ शीर्ष अधिकारियों पर जातिवाद, भेदभावपूर्ण पोस्टिंग, ACR में गड़बड़ी और शिकायतों की अनदेखी के आरोप लगाए। कुमार ने अपनी संपत्ति पत्नी के नाम करने की बात भी नोट में लिखी।
घटना के समय पत्नी विदेश दौरे पर थीं
7 अक्टूबर की सुबह गोली चलने की आवाज सुनाई दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वाई पूरन कुमार खून से लथपथ हालत में पाए गए। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी। उस वक्त उनकी पत्नी अमनीत कौर (IAS) जापान दौरे पर थीं, जहां वे हरियाणा सरकार की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ आधिकारिक यात्रा पर गई थीं।
जांच में जुटी पुलिस और फॉरेंसिक टीम
चंडीगढ़ पुलिस ने पूरे घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करवाई। फॉरेंसिक टीम ने कई अहम सबूत जुटाए हैं। परिवार और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पूरन कुमार ने आत्महत्या से पहले किसी को फोन नहीं किया और न ही कोई मैसेज छोड़ा।
विवादों में घिरा रहा करियर
पूरन कुमार अपने निर्भीक और सख्त रुख के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कई बार विभागीय निर्णयों के खिलाफ आवाज उठाई थी। 2020 में उन्होंने तत्कालीन DGP मनोज यादव पर जातीय भेदभाव और व्यक्तिगत रंजिश का आरोप लगाया था। उन्होंने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा पर भी पक्षपाती जांच रिपोर्ट बनाने का आरोप लगाया।
रिश्वत मामले ने बढ़ाई परेशानी
पूरन कुमार के PSO सुशील कुमार पर शराब कारोबारी से मंथली मांगने का आरोप लगा था। कारोबारी प्रवीण बंसल की शिकायत पर FIR दर्ज हुई थी। इस मामले में सुशील कुमार की गिरफ्तारी के बाद पूरन कुमार विवादों में घिर गए थे।
छुट्टी पर थे, हाल ही में हुआ था तबादला
सूत्रों के मुताबिक, उन्हें रोहतक रेंज के IG पद से हटाकर PTC सुनारिया भेजा गया था, जिसे विभागीय हलकों में सजा वाली पोस्टिंग माना जा रहा था। तबादले के बाद से वे छुट्टी पर थे।
