घरेलू शेयर बाजारों ने बुधवार (29 अक्टूबर) को नए हफ्ते और नवंबर तिमाही की शानदार शुरुआत की। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती और विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी की उम्मीदों से निवेशकों का मनोबल बढ़ा।
सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल
सुबह के कारोबार में बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 287.94 अंकों की बढ़त के साथ 84,916.10 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 86.65 अंक चढ़कर 26,022.85 तक पहुंचा। दिनभर की मजबूती के बाद सेंसेक्स 368.97 अंक यानी 0.44% की बढ़त के साथ 84,972.13 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 117.70 अंक यानी 0.45% बढ़कर 26,053.90 पर बंद हुआ।
बैंक निफ्टी भी मजबूत रहा और 171 अंक की बढ़त के साथ 58,385 पर बंद हुआ।
सेक्टरवार स्थिति
आज के सत्र में धातु (Metal), FMCG और फार्मा सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इन सेक्टरों में कई स्टॉक्स ने नए ऊंचे स्तर छुए।
हालांकि, ऑटो सेक्टर थोड़ा कमजोर दिखा और कुछ शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स के टॉप गेनर और लूज़र
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 21 कंपनियां बढ़त के साथ बंद हुईं, जबकि 9 कंपनियां गिरावट में रहीं।
सबसे ज्यादा बढ़त एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, ट्रेंट, लार्सन एंड टूब्रो (L&T), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अडानी पोर्ट्स में देखने को मिली।
वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, ईटर्नल और एक्सिस बैंक के शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज हुई।
वैश्विक बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में भी आज सकारात्मक रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोसपी, जापान का निक्केई 225 और चीन का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स सभी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
अमेरिकी बाजार भी मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे भारतीय निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी
स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारी मात्रा में खरीदार रहे। उन्होंने करीब ₹10,339.80 करोड़ के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट मिला।
कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.08% गिरकर $64.35 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। तेल की कीमतों में यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।
निवेशकों में उत्साह
मौजूदा रुझान बताते हैं कि विदेशी पूंजी प्रवाह और ब्याज दरों में संभावित कटौती से आने वाले दिनों में बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशक फिलहाल सतर्क आशावाद के साथ खरीदारी कर रहे हैं।
