लगातार पांच कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद सोमवार को घरेलू शेयर बाजार ने राहत की सांस ली। कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूती के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों का भरोसा लौटता दिखा और बाजार हरे निशान में आ गया।
भारत-अमेरिका ट्रेड बातचीत से बदला माहौल
दिन के कारोबार के दौरान बाजार में और तेजी तब आई, जब अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने बयान दिया कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बातचीत एक बार फिर शुरू होने जा रही है। उन्होंने भारत को अमेरिका का अहम पार्टनर बताया। इस बयान के बाद बाजार ने अपने निचले स्तर से जबरदस्त रिकवरी की और सेंसेक्स करीब 250 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 25,700 के स्तर के पार पहुंच गया।
सेंसेक्स और निफ्टी का क्लोजिंग हाल
दिन के अंत में बीएसई सेंसेक्स 301.93 अंक यानी 0.36 फीसदी की बढ़त के साथ 83,878.17 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 में से 25 कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे, जबकि 5 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
वहीं एनएसई निफ्टी 106.95 अंक यानी 0.42 फीसदी चढ़कर 25,790.25 के स्तर पर बंद हुआ।
किन शेयरों में तेजी, किनमें गिरावट
आज के कारोबार में हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। इन शेयरों ने बाजार को सहारा दिया।
दूसरी ओर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टूब्रो, इटरनल, पावर ग्रिड, अडानी पोर्ट्स, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयरों में दबाव बना रहा और ये नुकसान के साथ बंद हुए।
पिछले पांच दिनों की गिरावट की तस्वीर
हालांकि आज बाजार में तेजी रही, लेकिन इससे पहले के पांच कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए मुश्किल भरे रहे थे। इन पांच दिनों में सेंसेक्स करीब 2,185.77 अंक तक टूट चुका था, जबकि निफ्टी में लगभग 645.25 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में आज की तेजी को निवेशक एक रिकवरी के तौर पर देख रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेत
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का KOSPI, चीन का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा।
कच्चा तेल और निवेशकों का रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.24 फीसदी बढ़कर 63.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) शुक्रवार को बिकवाली करते नजर आए और उन्होंने करीब 3,769 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार में भरोसा दिखाया और लगभग 5,596 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
निवेशकों के लिए संकेत
कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका ट्रेड बातचीत की उम्मीद और ग्लोबल बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने घरेलू शेयर बाजार को सहारा दिया। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक संकेतों पर टिकी रहेगी।
