17 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। बीएसई सेंसेक्स 964.59 अंक (1.25%) की छलांग लगाकर 78,151.45 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 24,300 के ऊपर बंद होने में सफल रहा। वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजार में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा।
आईटी और बैंकिंग शेयरों ने दिखाई ताकत
आज की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों का रहा। कई बड़ी आईटी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और मजबूत प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसके साथ ही प्रमुख बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूती मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत कॉरपोरेट नतीजों ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाया।
वैश्विक कमजोरी के बीच भारतीय बाजार ने दिखाई मजबूती
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली का माहौल होने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी, रुपये में मजबूती और भारतीय कंपनियों के बेहतर वित्तीय परिणामों ने बाजार को सहारा दिया। इससे भारतीय बाजार ने वैश्विक दबाव को काफी हद तक नजरअंदाज किया।
निवेशकों का भरोसा हुआ मजबूत
सेंसेक्स में करीब एक हजार अंकों की तेजी से निवेशकों का विश्वास और मजबूत हुआ है। बाजार में चौतरफा खरीदारी का असर कई प्रमुख सेक्टरों में देखने को मिला। विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के अनुरूप रहे और वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहीं, तो बाजार में सकारात्मक रुख जारी रह सकता है। हालांकि, निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और कंपनियों के नतीजों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
अब निवेशकों की नजर आगामी तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर रहेगी। इसके अलावा अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले आर्थिक आंकड़े भी भारतीय बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों के कारण भारतीय शेयर बाजार फिलहाल सकारात्मक रुख बनाए हुए है।
