आम आदमी पार्टी के नेता Manish Sisodia ने कहा है कि उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है। उन्होंने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में उनकी अंतरात्मा उन्हें इस मामले की कार्यवाही में आगे भाग लेने की अनुमति नहीं देती।
न्याय पर भरोसे की बात
सिसोदिया ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष का मामला नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था पर भरोसे का सवाल है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को यह विश्वास होना चाहिए कि न्याय निष्पक्ष हो और निष्पक्ष दिखाई भी दे।
न्यायपालिका पर विश्वास कायम
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका न्यायपालिका और संविधान पर पूरा विश्वास है। लेकिन जब मन में संदेह पैदा हो जाए, तो केवल औपचारिक रूप से कार्यवाही में शामिल होना उनके लिए सही नहीं है।
सत्याग्रह का रास्ता
सिसोदिया ने कहा कि इन परिस्थितियों में उनके पास सत्याग्रह का रास्ता अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने इसे अपने सिद्धांतों और अंतरात्मा की आवाज पर आधारित फैसला बताया।
