अक्सर लोग मानते हैं कि अगर वे रोज़ शराब नहीं पीते और सिर्फ कभी-कभार ही ज्यादा पीते हैं, तो इससे कोई खास नुकसान नहीं होता। लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इस सोच को गलत साबित किया है। Keck Medicine of USC और University of Southern California के वैज्ञानिकों द्वारा की गई इस स्टडी में पाया गया है कि कभी-कभार भी ज्यादा शराब पीना लिवर के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यह रिसर्च Clinical Gastroenterology and Hepatology जर्नल में प्रकाशित हुई है।
किस बीमारी पर किया गया फोकस?
इस अध्ययन में खास तौर पर मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) पर ध्यान दिया गया। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें लिवर में फैट जमा होने लगता है। धीरे-धीरे यह सूजन (इन्फ्लेमेशन) और स्कारिंग (फाइब्रोसिस) जैसी गंभीर समस्याओं में बदल सकती है। यह बीमारी आमतौर पर मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में ज्यादा देखी जाती है।
कैसे किया गया अध्ययन?
रिसर्चर्स ने सिर्फ यह नहीं देखा कि लोग कितनी शराब पीते हैं, बल्कि यह भी समझने की कोशिश की कि पीने का तरीका कितना असर डालता है। उन्होंने “एपिसोडिक हेवी ड्रिंकिंग” यानी एक ही दिन में ज्यादा शराब पीने की आदत पर फोकस किया। इसमें महिलाओं के लिए एक दिन में 4 या उससे ज्यादा ड्रिंक और पुरुषों के लिए 5 या उससे ज्यादा ड्रिंक शामिल थे, वह भी महीने में कम से कम एक बार।
किसे ज्यादा खतरा?
स्टडी में यह सामने आया कि युवा और पुरुषों में इस तरह की ड्रिंकिंग की आदत ज्यादा देखी जाती है। जो लोग एक बार में ज्यादा शराब पीते हैं, उनके लिवर पर अचानक दबाव पड़ता है। इससे लिवर में सूजन बढ़ती है और नुकसान ज्यादा तेजी से होता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह तरीका लिवर के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है, भले ही कुल शराब की मात्रा सीमित क्यों न हो।
चौंकाने वाले नतीजे
2017 से 2023 के बीच 8,000 से ज्यादा लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि जिन लोगों को MASLD था और जो कभी-कभार ज्यादा शराब पीते थे, उनमें एडवांस्ड लिवर फाइब्रोसिस का खतरा लगभग तीन गुना ज्यादा था। यह वह स्थिति है जिसमें लिवर में स्कार टिश्यू बन जाता है और उसकी कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।
पीने का तरीका ज्यादा महत्वपूर्ण
इस रिसर्च की सबसे अहम बात यह रही कि शराब की कुल मात्रा से ज्यादा मायने उसका सेवन करने का तरीका रखता है। यानी अगर दो लोग हफ्ते में बराबर शराब पीते हैं, लेकिन एक व्यक्ति उसे धीरे-धीरे पीता है और दूसरा एक ही दिन में, तो दूसरे व्यक्ति के लिवर को ज्यादा नुकसान होने का खतरा रहता है।
