मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने राज्य में खेल संस्कृति को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ‘खेड-दा पंजाब, बदलदा पंजाब’ अभियान के तहत सरकार ने खेल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹1,791 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट घोषित किया है। इस पहल का उद्देश्य गांवों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और पंजाब को देश का अग्रणी खेल राज्य बनाना है।
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अक्टूबर 2026 में पंजाब पहली बार प्रतिष्ठित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। प्रतियोगिता के मुकाबले मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने खेल प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए 1,157 खिलाड़ियों और खेल दिग्गजों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार प्रदान किए तथा ₹32.05 करोड़ की पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की।
सरकार ने पंजाब की पारंपरिक खेल संस्कृति को भी बढ़ावा दिया है। ‘पशु क्रूरता निवारण (पंजाब संशोधन) विधेयक-2025’ पारित कर किला रायपुर खेलों (मिनी ओलंपिक) की ऐतिहासिक बैलगाड़ी दौड़ को कानूनी रूप से फिर बहाल किया गया है।
खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने 2023-24 के ₹350 करोड़ के मुकाबले 2026-27 में खेल बजट बढ़ाकर ₹1,791 करोड़ कर दिया है। राज्य में प्रस्तावित 3,100 खेल मैदानों में से 2,700 पर निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2,458 कर दी गई है।
खिलाड़ियों के पोषण को ध्यान में रखते हुए दैनिक डाइट भत्ता ₹240 से बढ़ाकर ₹480 प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं, खेल नीति-2023 के तहत ओलंपिक की तैयारी करने वाले खिलाड़ियों को ₹15 लाख और एशियाई खेलों की तैयारी के लिए ₹8 लाख की अग्रिम वित्तीय सहायता दी जा रही है।
पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने खिलाड़ियों की चोटों की रोकथाम और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए विशेष स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर स्थापित किया है। इसके तहत 92 खेल डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्टों की भर्ती कर विभिन्न खेल केंद्रों में तैनात किया गया है।
युवाओं के समग्र विकास के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-42 में ₹43 करोड़ की लागत से ‘युवा भवन’ का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही, ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हर वर्ष 5,000 युवाओं को प्रमाणित पर्सनल फिटनेस ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इन पहलों के माध्यम से पंजाब सरकार का लक्ष्य राज्य को खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना, युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करना और पंजाब को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना है।
