अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7.8% की तेज़ वृद्धि दर्ज की। इस मज़बूत आर्थिक नतीजे का सीधा असर शेयर बाज़ार पर दिखा। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को निवेशकों ने बड़ी ख़रीदारी की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखी गई।
सेंसेक्स 554 अंक चढ़ा
कारोबार की शुरुआत से ही बाज़ार में सकारात्मक रुझान रहा। बीएसई सेंसेक्स 554.84 अंक यानी 0.70% की बढ़त के साथ 80,364.49 अंकों पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 बढ़त में और 7 गिरावट के साथ बंद हुए।
टॉप गेनर्स और लूज़र्स
सेंसेक्स पर सबसे ज़्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में M&M, टाटा मोटर्स, ट्रेंट, एटरनल और एशियन पेंट्स शामिल रहे। दूसरी ओर, आईटीसी और सन फार्मा जैसे दिग्गज शेयर दबाव में दिखाई दिए और नुकसान में बंद हुए।
निफ्टी ने भी दिखाई मज़बूती
एनएसई निफ्टी भी मज़बूती के साथ कारोबार समाप्त करने में सफल रहा। निफ्टी 198.20 अंक यानी 0.81% बढ़कर 24,625.05 अंकों पर बंद हुआ। हालाँकि, बैंक निफ्टी 346 अंक टूटकर 54,002 के स्तर पर आ गया।
एशियाई और अमेरिकी बाज़ारों का हाल
ग्लोबल मार्केट्स की बात करें तो एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला रुख देखा गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 गिरावट में रहे, जबकि चीन का शंघाई SSE और हांगकांग का हैंग सेंग मज़बूती के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, अमेरिकी बाज़ार पिछले कारोबारी दिन नकारात्मक नोट पर बंद हुए थे।
क्रूड ऑयल और निवेशकों की चाल
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड 0.41% बढ़कर 67.20 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया।
स्टॉक मार्केट के आँकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) ने शुक्रवार को 8,312.66 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने 11,487.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और बाज़ार को मज़बूत समर्थन दिया।
कुल मिलाकर, भारत की मजबूत GDP ग्रोथ ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्लोबल दबाव और विदेशी बिकवाली का असर सीमित रहा तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाज़ार नई ऊँचाइयाँ छू सकता है।
