गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई सेंसेक्स 123.58 अंक यानी 0.15% की बढ़त के साथ 81,548.73 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 32.40 अंक यानी 0.13% चढ़कर 25,005.50 के स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के 16 शेयर हरे निशान पर
30 शेयरों वाले बीएसई सेंसेक्स में 16 स्टॉक्स में तेजी और 14 स्टॉक्स में गिरावट दर्ज हुई। जिन कंपनियों ने बाजार को सहारा दिया, उनमें ईटर्नल, अडानी पोर्ट्स, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बजाज फिनसर्व शामिल रहे। वहीं, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर दबाव में रहे।
वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें निवेशकों के मनोबल को बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता से अच्छे नतीजों की उम्मीद ने भी बाजार को मजबूती दी।
एशियाई बाजारों का हाल
एशियाई शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट हरे निशान पर कारोबार कर रहे थे। हालांकि, हांगकांग का हैंग सेंग कमजोर दिखाई दिया।
अमेरिकी बाजारों का असर
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार मिश्रित रुख के साथ बंद हुए। इसका हल्का असर गुरुवार को भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। निवेशकों की नजर अब फेडरल रिजर्व की नीतियों पर टिकी हुई है, जिसका सीधा असर उभरते बाजारों पर पड़ेगा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
एक्सचेंज से मिले आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को 115.69 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने जमकर खरीदारी की और 5,004.29 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इससे बाजार को मजबूती मिली और सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान से उबरकर सकारात्मक क्षेत्र में बंद हुए।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी मामूली गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 0.07% घटकर 67.44 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल की कीमतों में नरमी भारतीय बाजार के लिए राहत की खबर है, क्योंकि इससे आयात बिल और महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिलती है।
पिछला कारोबार रहा मजबूत
बुधवार को भी भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 323.83 अंक या 0.40% चढ़कर 81,425.15 पर पहुंचा था, जबकि निफ्टी 104.50 अंक यानी 0.42% की बढ़त के साथ 24,973.10 पर बंद हुआ था। लगातार दो दिन की यह तेजी निवेशकों के भरोसे को मजबूत करती है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला और घरेलू स्तर पर आर्थिक आंकड़े भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रहते हुए लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना चाहिए।
