बुधवार, 18 जून को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 139 अंक टूटकर 81,445 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 41 अंक फिसलकर 24,812 के स्तर पर बंद हुआ। यह हफ्ते का तीसरा कारोबारी दिन था।
बाजार की चाल कैसी रही?
सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयरों में गिरावट रही, जबकि सिर्फ 10 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। सबसे ज्यादा नुकसान TCS, अडाणी पोर्ट्स और HUL के शेयरों को हुआ। इन कंपनियों के शेयरों में करीब 2% तक की गिरावट आई।
वहीं, इंडसइंड बैंक का शेयर सबसे ज्यादा 4.44% चढ़ा। इसके अलावा टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और मारुति के शेयरों में भी लगभग 2% तक की तेजी रही।
निफ्टी के 50 में से 36 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 14 शेयर हरे निशान में रहे।
सेक्टोरियल परफॉर्मेंस
कुछ सेक्टर जैसे ऑटो, प्राइवेट बैंक और कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स में हल्की तेजी रही, इन सेक्टरों में 0.8% तक की बढ़त दर्ज की गई।
वहीं दूसरी ओर फार्मा, IT, मेटल और मीडिया सेक्टर के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इनमें 1.3% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा।
वैश्विक बाजारों का मिला-जुला असर
एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां मिला-जुला कारोबार देखने को मिला।
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जापान का निक्केई इंडेक्स 348 अंक (0.90%) की बढ़त के साथ 38,885 पर पहुंच गया।
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कोरिया का कोस्पी 22 अंक (0.74%) चढ़कर 2,972 पर कारोबार कर रहा है।
लेकिन,
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हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 270 अंक (1.12%) गिरकर 23,711 पर आ गया।
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चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली रूप से 1 अंक चढ़कर 3,380 पर रहा।
इससे पहले 17 जून को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स 0.70% गिरकर 42,216 पर, नैस्डैक कंपोजिट 0.91% टूटकर 19,521 पर और S&P 500 0.84% गिरकर 5,983 पर बंद हुआ था।
निवेशकों की गतिविधि
17 जून को घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 8,207 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। जबकि विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 1,482 करोड़ रुपए की खरीदारी की।
जून महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने कैश सेगमेंट में कुल ₹5,869 करोड़ के शेयर बेचे हैं। दूसरी ओर, घरेलू निवेशकों ने इसी अवधि में ₹58,138 करोड़ की भारी खरीदारी की है। इससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है।
मई 2025 में भी घरेलू निवेशकों ने अच्छा प्रदर्शन किया था, उन्होंने ₹67,642 करोड़ की नेट खरीदारी की थी, जबकि विदेशी निवेशकों ने ₹11,773 करोड़ के शेयर खरीदे थे।
बाजार में मौजूदा गिरावट के पीछे ग्लोबल संकेत, सेक्टरों की परफॉर्मेंस और मुनाफावसूली जैसे कारण हो सकते हैं। हालांकि घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार को सहारा देने में मदद कर रही है। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
