मंगलवार को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी वाले दिन भारतीय शेयर बाजारों में उतार–चढ़ाव जारी रहा। हालांकि, अंत में बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। सुबह से ही कमजोर रुख दिखा और दिन बढ़ने के साथ-साथ बिकवाली और तेज़ होती गई।
सेंसेक्स 436 अंक फिसला
बीएसई सेंसेक्स 436.41 अंक (0.51%) टूटकर 84,666.28 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 शेयर गिरावट में रहे, जबकि सिर्फ 8 शेयरों ने बढ़त दर्ज की।
दिनभर बैंकिंग सेक्टर में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली, जिसने बाजार को कुछ सपोर्ट दिया, लेकिन कुल मिलाकर माहौल नकारात्मक ही रहा।
निफ्टी भी 120 अंक गिरा
एनएसई निफ्टी ने भी कमजोरी दिखाई और 120.90 अंक (0.47%) टूटकर 25,839.65 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 में शामिल 46 शेयर गिरावट में बंद हुए, जबकि सिर्फ 4 शेयर ही हरे निशान में टिक पाए।
क्यों टूटा बाज़ार?
शेयर बाजार में इस गिरावट के पीछे कई वजहें रही—
1. कमज़ोर ग्लोबल संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव और कमजोर ट्रेंड का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
एफआईआई लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाज़ार में दबाव बना हुआ है।
3. अमेरिका–भारत व्यापार तनाव बढ़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आयात होने वाले चावल पर टैरिफ लगाने की चेतावनी ने निवेशकों की भावनाओं को झटका दिया। इससे चिंता बढ़ी है कि आगे और भी व्यापारिक प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।
4. फेडरल रिज़र्व की नीतिगत बैठक से पहले सतर्कता
अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की नीति बैठक होने वाली है। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसके कारण वैश्विक बाजार सतर्क हैं। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है।
किन सेक्टर्स पर ज्यादा असर?
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बैंकिंग सेक्टर में हल्की मजबूती देखी गई,
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लेकिन आईटी, मेटल, फार्मा और ऑटो सेक्टर पर गिरावट का दबाव रहा।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक स्थिति और एफआईआई फ्लो में सुधार नहीं आता, बाजार में तेज़ी वापस लौटना मुश्किल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फेडरल रिज़र्व की बैठक और वैश्विक बाज़ारों के रुख से आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
यदि अंतरराष्ट्रीय संकेतों में सुधार आता है और विदेशी निवेशक दोबारा खरीदारी शुरू करते हैं, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
