अगस्त के आखिरी कारोबारी दिन यानी 31 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला। BSE Sensex 76,957.27 अंक पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 307.23 अंक यानी 0.40% नीचे रहा। शुक्रवार को सेंसेक्स में अच्छी तेजी आई थी, लेकिन सोमवार को बाजार उस बढ़त को बरकरार नहीं रख सका।
तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
बाजार में गिरावट की बड़ी वजहों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी शामिल रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। महंगा तेल भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए चिंता बढ़ाता है, क्योंकि इससे महंगाई, आयात बिल और रुपये पर दबाव पड़ सकता है।
अमेरिकी फेड के फैसले पर नजर
निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर भी सतर्क नजर आए। फेड चेयर के हालिया सख्त संकेतों के बाद बाजार में ब्याज दर बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों में पैसा लगाने से बचते हैं और शेयर बाजार पर इसका असर दिखाई देता है।
IT शेयरों में ज्यादा दबाव
सोमवार को गिरावट व्यापक रही। Reuters के अनुसार प्रमुख 16 सेक्टर इंडेक्स में गिरावट दर्ज हुई और IT इंडेक्स करीब 2% नीचे रहा। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी लगभग 1% की कमजोरी देखने को मिली।
HDFC Bank ने संभालने की कोशिश की
गिरते बाजार के बीच HDFC Bank का शेयर करीब 1.5% मजबूत हुआ। बैंक के CEO सशिधर जगदीशन के दोबारा नियुक्ति की कोशिश नहीं करने की खबर के बाद निवेशकों ने नेतृत्व बदलाव को अपेक्षाकृत सुचारु माना। दूसरी ओर Reliance Industries करीब 1% गिरा।
