पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन संगरूर लगातार सक्रिय है। बुधवार को डिप्टी कमिश्नर (डीसी) श्री राहुल चाबा और जिला पुलिस प्रमुख एसएसपी श्री सरताज सिंह चाहल ने खुद खेतों में जाकर हालात का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्हें जानकारी मिली कि गांव गुरदासपुरा और गांव खुराणा में कुछ किसानों ने पराली को आग लगा दी है।
दोनों अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके आदेश पर कृषि विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई और आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। अधिकारियों की तत्परता से बड़ा नुकसान टल गया।
डीसी राहुल चाबा और एसएसपी सरताज सिंह चाहल आज उन किसानों को सम्मानित करने निकले थे जिन्होंने पराली का सही प्रबंधन किया और गेहूं की सीधी बुआई (डायरेक्ट सीडिंग) अपनाई है। लेकिन दौरे के दौरान पराली जलाने की खबर मिलते ही दोनों अधिकारी बिना देरी किए सीधे खेतों में पहुंचे। उन्होंने मौके पर जाकर खुद हालात संभाले और संबंधित किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीसी चाबा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट कहा कि संगरूर जिले में पराली जलाने की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की नीति “ज़ीरो टॉलरेंस” की है। जो भी किसान नियमों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ तुरंत जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस बार पराली जलाने की निगरानी सैटेलाइट से की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट और केंद्र की पर्यावरण एजेंसियां सीधे इसकी रिपोर्ट देख रही हैं। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही पर नज़र रखी जा रही है।
एसएसपी सरताज सिंह चाहल ने भी चेतावनी दी कि अगर कोई किसान खेतों में पराली को आग लगाएगा तो उसे न केवल जुर्माना और सज़ा दी जाएगी बल्कि संबंधित अधिकारियों को भी जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए हर स्तर पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इससे पहले, दोनों अधिकारियों ने उन किसानों को सम्मानित किया जिन्होंने पराली का सही प्रबंधन किया है। उन्हें प्रमाण पत्र और प्रशंसा पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे पराली को न जलाएं, बल्कि पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक नागरिक बनें।
इस मौके पर मुख्य कृषि अधिकारी और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
डीसी चाबा ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों के साथ मिलकर समाधान चाहता है, लेकिन कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
