पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में सैनेट और सिंडीकेट चुनावों को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहा संघर्ष आखिरकार सफल हो गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा की लगातार मेहनत और विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ी जीत मिली है। उपराष्ट्रपति तथा पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर C.P. Radhakrishnan ने सैनेट चुनाव करवाने की मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के बाद छात्रों और शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने जश्न मनाते हुए विजय मार्च निकाला और अपना धरना समाप्त कर दिया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दी बधाई
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी इस फैसले पर अपनी खुशी जाहिर की। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि उपराष्ट्रपति द्वारा चुनावों की मंजूरी “पूरे पंजाब की बड़ी जीत” है।
उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी सिर्फ एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि पंजाब की विरासत है।
मुख्यमंत्री मान ने छात्रों, शिक्षकों, फैकल्टी मेंबर्स और उन सभी लोगों की प्रशंसा की जिन्होंने दबाव के बावजूद हार नहीं मानी। उन्होंने लिखा—
“संघर्ष जारी रहा और आखिरकार संघर्ष ने रंग दिखा दिया।”
प्रशासन ने भेजा था शेड्यूल
बताया जा रहा है कि पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 9 नवंबर को सैनेट चुनावों का शेड्यूल तैयार करके चांसलर के पास मंजूरी के लिए भेजा था। अब इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद विश्वविद्यालय जल्द ही चुनाव करवाने की तैयारी करेगा।
लंबे समय से चली आ रही यह मांग पूरी होने से छात्रों में उत्साह है। चुनावों की मंजूरी से न केवल विश्वविद्यालय का लोकतांत्रिक ढांचा मजबूत होगा बल्कि विद्यार्थियों को भी अपनी आवाज को और मजबूती से उठाने का अवसर मिलेगा।
